oplus_0
मसूरी: उत्तराखंड की समृद्ध लोक परंपरा, खानपान और पारंपरिक आतिथ्य को राष्ट्रीय मंच देने वाला ‘उत्तराखंड फूड फेस्टिवल 2025’ मसूरी में भव्य रूप से संपन्न हो गया। 26 से 28 दिसंबर तक चले इस तीन दिवसीय आयोजन में देश-विदेश से आए पर्यटकों और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। पारंपरिक पहाड़ी व्यंजनों से लेकर आधुनिक फ्यूजन फूड तक, हर स्वाद के लिए कुछ खास देखने और चखने को मिला। इस फेस्टिवल ने न केवल उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान को मजबूती दी, बल्कि पर्यटन और स्थानीय उद्यमों को भी नई ऊर्जा प्रदान की।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
उत्तराखंड फूड फेस्टिवल का उद्देश्य राज्य की पारंपरिक भोजन संस्कृति और लोक विरासत को व्यापक पहचान दिलाना है। मसूरी जैसे प्रमुख पर्यटन स्थल पर इसका आयोजन होने से राज्य की सांस्कृतिक विविधता और आतिथ्य परंपरा को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने का अवसर मिला।
खानपान और संस्कृति का जीवंत उत्सव
फेस्टिवल में झंगोरे की खीर, भट्ट की चुड़कानी और मंडुवे की रोटी जैसे पारंपरिक पहाड़ी व्यंजनों ने लोगों को उत्तराखंड के असली स्वाद से रूबरू कराया। वहीं युवाओं के बीच नए प्रयोगों से तैयार फ्यूजन डिशेज भी खासा लोकप्रिय रहीं। खानपान के इस उत्सव में हर वर्ग और उम्र के लोगों ने उत्साह के साथ भाग लिया।
लोक नृत्य और संगीत ने बढ़ाया रंग
खानपान के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने फेस्टिवल को जीवंत बना दिया। पारंपरिक लोक नृत्य, स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियां और लाइव बैंड परफॉर्मेंस ने माहौल को उत्सवमय कर दिया। बच्चों, युवाओं और परिवारों ने पूरे उत्साह के साथ कार्यक्रमों का आनंद लिया।
विभिन्न श्रेणियों में सम्मान
फेस्टिवल के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को अलग-अलग श्रेणियों में सम्मानित किया गया। ओवरऑल कैटेगरी में प्रथम पुरस्कार होटल सैफ्रन लीफ, द्वितीय पुरस्कार जय बदरीनाथ स्वयं सहायता समूह और तृतीय पुरस्कार देवभूमि रसोई (द हापुड़ वालों की दुकान) को मिला। फ्यूजन फूड कैटेगरी में प्रथम पुरस्कार बम्मीज कैफे एंड बेक हाउस, द्वितीय पुरस्कार प्यारी पहाड़न और संयुक्त तृतीय पुरस्कार उडिपी कैफे व स्टर्लिंग मसूरी को प्रदान किया गया।
आधिकारिक जानकारी
देहरादून के मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने कहा कि उत्तराखंड फूड फेस्टिवल राज्य की खानपान परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को प्रभावी मंच देता है। ऐसे आयोजन स्थानीय उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों और होटल उद्योग को प्रोत्साहित करते हैं।
संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल आनंद ने दर्शकों और प्रतिभागियों की भारी मौजूदगी को आयोजन की सफलता का प्रमाण बताया। वहीं होटल एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के अध्यक्ष संदीप सहनी ने कहा कि यह फेस्टिवल होटल, कैफे और स्वयं सहायता समूहों के लिए बड़े मंच पर अपने उत्पाद प्रस्तुत करने का सुनहरा अवसर है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों और पर्यटकों का कहना है कि इस तरह के आयोजन उत्तराखंड की पहचान को मजबूत करते हैं।
व्यापारियों ने बताया कि फेस्टिवल के चलते मसूरी में पर्यटन गतिविधियों और स्थानीय व्यवसायों को भी अच्छा लाभ मिला।
आगे क्या होगा
उत्तराखंड फूड फेस्टिवल 2025 का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि आने वाले वर्षों में इसे और अधिक भव्य स्तर पर आयोजित किया जाएगा। आयोजकों का मानना है कि यह पहल पर्यटन, रोजगार और क्षेत्रीय व्यवसायों को नई दिशा देगी।







