
मसूरी: नगर पालिका मसूरी के सभागार में आयोजित टाउन वेंडिंग कमेटी (टीवीसी) की बैठक उस समय हंगामे में बदल गई, जब पटरी व्यापारियों के मुद्दे पर कांग्रेस नेता सोनिया आनंद रावत और एसडीएम मसूरी राहुल आनंद के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। माल रोड को व्यवस्थित करने और पटरी व्यापारियों को हटाने के प्रस्ताव पर बैठक के दौरान दोनों पक्षों में तीखी बहस हुई। प्रशासन का कहना है कि यह निर्णय नियमों के तहत लिया गया है, जबकि कांग्रेस नेता और पटरी व्यापारी इसे पक्षपातपूर्ण और राजनीतिक दबाव में लिया गया फैसला बता रहे हैं। घटना के बाद मसूरी में पटरी व्यापारियों को लेकर राजनीतिक माहौल और गरमा गया है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
मसूरी के माल रोड क्षेत्र में लंबे समय से पटरी व्यापारियों को लेकर विवाद चलता आ रहा है। प्रशासन का तर्क है कि बढ़ते पर्यटक दबाव और यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए वेंडिंग व्यवस्था को नियमों के तहत व्यवस्थित करना जरूरी है। वहीं पटरी व्यापारी इसे अपने रोजगार पर सीधा हमला मानते हैं।
आधिकारिक जानकारी
एसडीएम मसूरी राहुल आनंद ने बताया कि टाउन वेंडिंग कमेटी केंद्र सरकार द्वारा तय नियमों के अनुसार पटरी व्यापारियों को व्यवस्थित करने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि माल रोड को व्यवस्थित करने का निर्णय प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत लिया गया है और इसे हर हाल में लागू किया जाएगा। एसडीएम का आरोप है कि कांग्रेस नेता सोनिया आनंद रावत बिना अनुमति बैठक में प्रवेश कर हस्तक्षेप करने लगीं और बहस के दौरान अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया।
स्थानीय प्रतिक्रिया
पटरी व्यापारियों ने स्पष्ट किया कि वे किसी भी परिस्थिति में माल रोड से हटने को तैयार नहीं हैं। व्यापारियों का कहना है कि वर्षों से वे इसी क्षेत्र में अपना रोजगार चला रहे हैं और अचानक हटाने का फैसला उनके लिए अन्यायपूर्ण है।
राजनीतिक बयान
कांग्रेस नेता सोनिया आनंद रावत ने आरोप लगाया कि उत्तराखंड की नौकरशाही भाजपा के दबाव में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि टाउन वेंडिंग कमेटी द्वारा कुछ चुनिंदा पटरी व्यापारियों को ही स्थान दिया गया है, जबकि बड़ी संख्या में व्यापारियों को बाहर किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि 20 दिसंबर के बाद माल रोड को पटरी व्यापारियों से मुक्त करने का निर्णय स्वीकार नहीं किया जाएगा और जबरन कार्रवाई होने पर उग्र आंदोलन किया जाएगा।
आंकड़े / तथ्य
प्रशासन के अनुसार, पटरी व्यापारियों को नियमानुसार व्यवस्थित करने की प्रक्रिया जारी है। वहीं व्यापारियों का कहना है कि बड़ी संख्या में दुकानदारों को प्रस्तावित सूची से बाहर रखा गया है, जिससे असंतोष बढ़ रहा है।
आगे क्या होगा
प्रशासन का कहना है कि नियमों के तहत निर्णय लागू किया जाएगा, जबकि कांग्रेस और पटरी व्यापारी आंदोलन की चेतावनी दे चुके हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में मसूरी में इस मुद्दे पर तनाव और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।





