
मसूरी में बर्फबारी का आनंद लेने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटकों के पहुंचने से शहर और आसपास के मार्गों पर जाम की स्थिति बन गई। जैसे-जैसे पर्यटकों की संख्या बढ़ती गई, वैसे-वैसे ट्रैफिक दबाव भी बढ़ता चला गया। देहरादून–मसूरी हाईवे पर लंबा जाम लगने से यात्रियों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सुबह से ही मसूरी के प्रमुख मार्गों पर वाहनों की रफ्तार थम गई, जिससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों की आवाजाही प्रभावित हुई।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
सर्दियों के मौसम में बर्फबारी के बाद मसूरी पर्यटकों की पहली पसंद बन जाती है। सीमित सड़क क्षमता और एक ही मुख्य मार्ग पर निर्भरता के कारण, पर्यटक सीजन में ट्रैफिक जाम की समस्या अक्सर सामने आती है। बर्फबारी के दौरान यह समस्या और गंभीर हो जाती है।
आधिकारिक जानकारी
प्रशासन की ओर से ट्रैफिक व्यवस्था संभालने के प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि, पर्यटकों की अचानक बढ़ी संख्या के कारण यातायात को सुचारु बनाए रखने में कठिनाई आ रही है। संबंधित अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि सुबह से ही सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लगी हुई हैं। व्यापारियों और टैक्सी चालकों ने बताया कि जाम के कारण यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे यात्रा का अनुभव प्रभावित हो रहा है।
आंकड़े / तथ्य
सुबह आठ बजे से मसूरी–धनोल्टी मार्ग, किंग क्रेग गांधी चौक, जीरो प्वाइंट, गांधी चौक से मोतीलाल नेहरू मार्ग, वेवरली चौक, किंग क्रेग मेसोनिक लॉज, घंटाघर, लाल टिब्बा और चार दुकान मार्ग पर भारी जाम की स्थिति बनी रही। हजारों की संख्या में दुपहिया वाहन मसूरी की ओर पहुंचते देखे गए।
आगे क्या होगा
प्रशासन द्वारा ट्रैफिक को नियंत्रित करने और वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर काम किया जा रहा है। पर्यटकों से अपील की जा रही है कि वे यात्रा से पहले ट्रैफिक और मौसम की स्थिति की जानकारी लेकर ही मसूरी का रुख करें।




