
मुनिकीरेती (ऋषिकेश): मुनिकीरेती स्थित लेमन ट्री होटल में सोमवार को राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) द्वारा आपदा प्रबंधन और अग्नि सुरक्षा को लेकर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान होटल के कर्मचारियों को आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित, सुरक्षित और प्रभावी कार्रवाई के तरीकों की जानकारी दी गई। पर्यटन और तीर्थनगरी ऋषिकेश में लगातार बढ़ रही पर्यटक गतिविधियों को देखते हुए इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रमों को अहम माना जा रहा है, ताकि किसी भी आपदा या आकस्मिक घटना की स्थिति में जनहानि को रोका जा सके।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
ऋषिकेश और आसपास का क्षेत्र पर्यटन, योग-ध्यान और धार्मिक गतिविधियों के कारण वर्षभर सक्रिय रहता है। बड़ी संख्या में पर्यटक और श्रद्धालु यहां ठहरते हैं। ऐसे में होटलों और अतिथि गृहों में सुरक्षा मानकों का पालन और कर्मचारियों का प्रशिक्षित होना बेहद आवश्यक हो जाता है। इसी उद्देश्य से एसडीआरएफ की ओर से समय-समय पर जागरूकता और प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाते हैं।
सोमवार को आयोजित इस प्रशिक्षण सत्र का नेतृत्व एसडीआरएफ निरीक्षक कविंद्र सजवाण ने किया। कार्यक्रम में होटल के विभिन्न विभागों से जुड़े कर्मचारियों ने भाग लिया।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया
प्रशिक्षण के दौरान कर्मचारियों को प्राथमिक उपचार, सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन), गला चोकिंग की स्थिति में बचाव, अत्यधिक रक्तस्राव रोकने के उपाय, घायलों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने की तकनीक और भूकंप के दौरान सुरक्षा उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई।
इसके अलावा मूविंग और लिफ्टिंग तकनीक, रेस्क्यू प्रक्रिया और अग्नि सुरक्षा से जुड़े व्यावहारिक अभ्यास भी कराए गए। निरीक्षक कविंद्र सजवाण ने कर्मचारियों के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि आपदा के समय घबराहट की बजाय संयम और प्रशिक्षण के अनुसार कार्रवाई करना सबसे अधिक प्रभावी होता है।
मौके पर एसडीआरएफ टीम से मातबर सिंह, सुमित नेगी, पंकज, नितेश खेतवाल, अमित कुमार सहित होटल के जीएम अमित कुमार और अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
स्थानीय प्रतिक्रिया
होटल प्रबंधन से जुड़े एक कर्मचारी ने बताया कि इस प्रशिक्षण से उन्हें आपातकालीन स्थिति में सही निर्णय लेने का आत्मविश्वास मिला है। वहीं आसपास के व्यापारियों का कहना है कि पर्यटन क्षेत्र में इस तरह के कार्यक्रम नियमित रूप से होने चाहिए, ताकि किसी भी आकस्मिक घटना से निपटने की तैयारी मजबूत रहे।
आगे क्या होगा
एसडीआरएफ अधिकारियों के अनुसार, भविष्य में भी क्षेत्र के अन्य संस्थानों और प्रतिष्ठानों में इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक लोगों को आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूक किया जा सके।
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