
ऋषिकेश में 28 दिसंबर को मनसा देवी क्षेत्र में हुए पथराव और उपद्रव के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। ऋषिकेश, रायवाला और रानीपोखरी थाना क्षेत्रों की पुलिस टीमें नामजद और अज्ञात आरोपियों की पहचान व गिरफ्तारी में जुटी हुई हैं। अब तक छह आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि दो अन्य नामजद आरोपियों की तलाश जारी है। घटना के वीडियो और सोशल मीडिया पर उपलब्ध फुटेज के सत्यापन के जरिए पुलिस आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। यह मामला कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़ा होने के कारण प्रशासन के लिए अहम माना जा रहा है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
मनसा देवी क्षेत्र में 28 दिसंबर को हुए पथराव के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बन गई थी। घटना के दौरान उपद्रव की वजह से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हुए, जिसके बाद पुलिस ने व्यापक स्तर पर जांच शुरू की। इससे पहले भी भीड़ से जुड़ी घटनाओं में पुलिस को आरोपियों की पहचान के लिए वीडियो साक्ष्यों का सहारा लेना पड़ा है।
आधिकारिक जानकारी
पुलिस के अनुसार, पथराव के मामले में कोतवाल कैलाश चंद्र भट्ट की शिकायत पर कुल 618 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच के दौरान अब तक छह आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। दो अन्य नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। अज्ञात आरोपियों की पहचान के लिए सोशल मीडिया और अन्य प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध वीडियो का सत्यापन किया जा रहा है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं से क्षेत्र की छवि प्रभावित होती है और श्रद्धालुओं व पर्यटकों में असुरक्षा की भावना पैदा होती है। व्यापारियों ने भी मांग की है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
आंकड़े / तथ्य
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, इस मामले में 618 लोगों को नामजद किया गया है। अब तक 6 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जबकि 2 नामजद आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। घटना से जुड़े कई वीडियो पुलिस के पास जांच के लिए उपलब्ध हैं।
आगे क्या होगा
जांच अधिकारी प्रभारी निरीक्षक प्रदीप राणा के अनुसार, आरोपियों की धरपकड़ के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस का दावा है कि फरार आरोपियों को भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा और मामले में कानूनी कार्रवाई को आगे बढ़ाया जाएगा।






