
ऋषिकेश: साल का पहला चंद्रग्रहण मंगलवार को लग रहा है। फाल्गुन पूर्णिमा के अवसर पर यह पूर्ण चंद्रग्रहण सिंह राशि और मघा नक्षत्र में पड़ने जा रहा है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार ग्रहण दोपहर 3:27 बजे शुरू होकर शाम 6:57 बजे समाप्त होगा। चंद्रग्रहण से नौ घंटे पहले ही सूतक काल लग गया है, जिसके चलते सुबह 6:27 बजे से मंदिरों के कपाट बंद कर दिए गए हैं और पूजा-पाठ समेत मांगलिक कार्य वर्जित रहेंगे।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
हिंदू मान्यताओं के अनुसार चंद्रग्रहण के दौरान सूतक काल का विशेष महत्व होता है। सूतक काल में मंदिरों के कपाट बंद रखे जाते हैं और धार्मिक अनुष्ठान स्थगित कर दिए जाते हैं।
आचार्य डॉ. सुशांत राज ने बताया कि फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि पर पड़ रहा यह वर्ष का पहला चंद्रग्रहण पूर्ण ग्रहण होगा। इस दौरान चंद्रमा लाल रंग का दिखाई दे सकता है।
सूतक काल और समय
ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक:
- ग्रहण प्रारंभ: दोपहर 3:27 बजे
- ग्रहण समाप्ति: शाम 6:57 बजे
- सूतक काल प्रारंभ: सुबह 6:27 बजे
सूतक काल में पूजा-पाठ, हवन, विवाह या अन्य मांगलिक कार्य करना वर्जित माना जाता है।
प्रशासनिक और धार्मिक तैयारी
चंद्रग्रहण को देखते हुए सोमवार को ही कई मंदिरों में सूचना पोस्टर चस्पा कर दिए गए थे। ग्रहण समाप्ति के बाद मंदिरों में शुद्धिकरण की प्रक्रिया के पश्चात पुनः नियमित पूजा-अर्चना शुरू की जाएगी।
स्थानीय प्रतिक्रिया
ऋषिकेश और आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धालुओं ने ग्रहण को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की बात कही है। कई लोग ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान और दान-पुण्य करने की तैयारी कर रहे हैं।
आगे क्या होगा
ग्रहण समाप्ति के बाद मंदिरों के कपाट पुनः खोले जाएंगे और नियमित धार्मिक गतिविधियां प्रारंभ होंगी। ज्योतिषाचार्यों ने लोगों से परंपरागत नियमों का पालन करने की अपील की है।
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