
देहरादून (लालतप्पड़–रायवाला): लालतप्पड़ औद्योगिक क्षेत्र से रायवाला तक बिना अनुमति करीब दस डग्गामार बसों के संचालन का आरोप सामने आया है। बताया जा रहा है कि इन बसों के कागजात पूरे नहीं हैं और इन्हें इस रूट पर चलने की अनुमति भी नहीं मिली है। सुबह और शाम के समय ये बसें औद्योगिक क्षेत्र में खड़ी होकर श्रमिकों को ढोती हैं, जबकि क्षमता से अधिक सवारियां बैठाकर यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ किया जा रहा है। अवैध संचालन से ई-रिक्शा चालकों की आजीविका पर भी सीधा असर पड़ा है, जिससे स्थानीय स्तर पर नाराजगी बढ़ती जा रही है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
लालतप्पड़ औद्योगिक क्षेत्र में बड़ी संख्या में श्रमिक काम करते हैं और सुबह-शाम आवागमन की मांग अधिक रहती है। इसी मांग का फायदा उठाकर कथित रूप से बिना अनुमति और अधूरे कागजात वाली बसें चलाए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। नियमों की अनदेखी न केवल यात्रियों के लिए जोखिम बढ़ाती है, बल्कि वैध परिवहन साधनों के रोजगार को भी प्रभावित करती है।
आधिकारिक जानकारी
ट्रैफिक एआरटीओ रश्मि पंत ने स्पष्ट किया कि इन बसों को लालतप्पड़ से रायवाला रूट पर संचालन की अनुमति नहीं है। उन्होंने कहा कि शिकायतों के आधार पर मामले की जांच कराई जाएगी और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय प्रतिक्रिया
ई-रिक्शा चालक जयवीर पंवार ने बताया कि अवैध बसों के कारण उनकी रोजी-रोटी पर संकट आ गया है और आमदनी न होने से वे किस्त तक नहीं भर पा रहे हैं। वहीं, ई-रिक्शा संचालक नवीन नौटियाल ने कहा कि वे लंबे समय से इसी रूट पर पांच किलोमीटर के दायरे में वैध संचालन कर रहे हैं, लेकिन डग्गामार बसों के चलते उनका काम लगभग ठप हो गया है।
आंकड़े / तथ्य
स्थानीय स्तर पर करीब 10 बसों के अवैध संचालन का आरोप है। इन बसों में क्षमता से अधिक सवारियां बैठाने की शिकायतें भी सामने आई हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ रहा है।
आगे क्या होगा
एआरटीओ के अनुसार, जांच पूरी होने के बाद नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित बसों के खिलाफ चालान, संचालन पर रोक और अन्य वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय लोगों और ई-रिक्शा चालकों ने प्रशासन से नियमित चेकिंग और स्थायी समाधान की मांग की है।







