
हरिद्वार: लक्सर क्षेत्र में जमीन खरीद–फरोख्त के नाम पर एक ग्रामीण से 17 लाख रुपये ठग लिए जाने का मामला सामने आया है। हिरनाखेड़ी निवासी प्रीतम सिंह ने लक्सर कोतवाली में तहरीर देकर मुण्डाखेड़ा कला के कुछ व्यक्तियों पर बॉम्बे स्थित कंपनी का हवाला देकर बड़ा वित्तीय छल करने का आरोप लगाया है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
हरिद्वार व आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में हाल के वर्षों में जमीन सौदों के नाम पर ठगी की घटनाएँ बढ़ी हैं। बड़े निवेश और कंपनियों का नाम लेकर ग्रामीणों को लालच देने वाले गिरोह सक्रिय हैं, जिनमें कई मामलों में नकद लेनदेन के चलते पीड़ित कानूनी जटिलताओं में फंस जाते हैं। यह मामला भी इसी श्रेणी का प्रतीत होता है।
अधिकारिक जानकारी
लक्सर कोतवाली के वरिष्ठ उप निरीक्षक लोकपाल परमार ने बताया कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि लगाए गए आरोप गंभीर हैं और इसमें शामिल सभी व्यक्तियों की भूमिका की गहन जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि आवश्यक साक्ष्य जुटाकर आगे कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन सौदों के नाम पर नकद लेनदेन बढ़ने से ठगी के मामलों में तेजी आई है, जिससे लोग लगातार असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। एक निवासी ने बताया कि बाहरी कंपनियों का नाम लेकर लोगों को फंसाने की कोशिशें हाल में बढ़ी हैं, और प्रशासन को ऐसे मामलों पर सख्ती बढ़ानी चाहिए।
पीड़ित का आरोप और घटनाक्रम
प्रीतम सिंह के अनुसार, विकास भवन, हरिद्वार में हुई एक मुलाकात के बाद मछला पत्नी पप्पू सिंह ने उनका मोबाइल नंबर लिया और कुछ दिन बाद फोन कर बताया कि उसकी जान–पहचान बॉम्बे की एक कंपनी से है, जिसे 80 बीघा जमीन की आवश्यकता है। सौदा पक्का कराने के नाम पर उसने प्रीतम से गांव की जमीन दिखाने का आग्रह किया।
आरोप है कि इसके बाद मछला, टीटू पुत्र पप्पू सिंह, नन्नू उर्फ शुभम पुत्र पप्पू सिंह सहित अन्य लोगों ने तीन चरणों में कुल 17 लाख रुपये नकद ले लिए। पीड़ित का कहना है कि यह राशि उसने 10 लाख रुपये राकेश पुत्र छतर सिंह और 7 लाख रुपये वीरेंद्र पुत्र पहल सिंह से उधार लेकर दी थी।
प्रीतम ने बताया कि मछला ने उससे 100 रुपये के स्टांप पेपर पर हस्ताक्षर कराए और आधार कार्ड की कॉपी भी ले ली। इसके बाद उसे ऋषिकेश और हल्द्वानी ले जाकर मनीष ओबराय, कंपनी जीएम सतीश गौतम और आयुष कुमार से मिलवाया गया। सभी पर गिरोह बनाकर ठगी करने का आरोप लगाया गया है।
धमकियों का आरोप
पीड़ित का कहना है कि जब उसने पैसे वापस मांगे तो उसे धमकाया गया। आरोप है कि उसे चेतावनी दी गई कि दोबारा रुपये मांगने आया तो जान से मरवा दिया जाएगा और झूठे मुकदमे में फंसा दिया जाएगा। लगातार धमकियों और तनाव के कारण वह भयभीत है।
आगे क्या होगा
पुलिस इस पूरे प्रकरण की जांच कर रही है और आरोपों की पुष्टि के लिए दस्तावेज, कॉल डिटेल्स और पीड़ित द्वारा बताए गए व्यक्तियों से पूछताछ की तैयारी कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होते ही जरूरत पड़ने पर गिरफ्तारी भी की जा सकती है।







