
लच्छीवाला (देहरादून): राजाजी टाइगर रिजर्व से सटे लच्छीवाला क्षेत्र में जंगली हाथियों की गतिविधियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। सोमवार देर रात एक हाथी दुर्गा मंदिर के पास रेलवे लाइन क्षेत्र तक पहुंच गया, जिससे आसपास के गांवों में दहशत का माहौल बन गया।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
लच्छीवाला और राजाजी टाइगर रिजर्व से सटे गांवों में पिछले कई सप्ताह से हाथियों की आवाजाही में वृद्धि देखी जा रही है। गन्ने की फसल, जंगल से सटे रास्ते और मानव गतिविधियों से जुड़े ट्रैकों के कारण हाथियों की मौजूदगी इन दिनों ज्यादा सामने आ रही है। इससे ग्रामीणों में भय और चिंता का माहौल है।
आधिकारिक जानकारी
स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता प्रेम सिंह ने बताया कि हाथी सोमवार देर रात करीब 2:30 बजे गांव की ओर आया। हाथी की आवाज सुनते ही ग्रामीण सतर्क हो गए और तत्काल वन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई।
लच्छीवाला वन क्षेत्राधिकारी मेधावी कीर्ति के अनुसार—
- रात में गश्त बढ़ा दी गई है
- ग्रामीणों को लाउडस्पीकर के माध्यम से जागरूक किया जा रहा है
- टीम लगातार हाथियों की लोकेशन पर नजर रख रही है
उन्होंने यह भी कहा कि हाथियों की आवाजाही को देखते हुए लोगों को जंगल या रेलवे लाइन किनारे देर रात और तड़के जाने से बचना चाहिए।
स्थानीय / मानवीय प्रतिक्रिया
रात की घटना के बाद ग्रामीण काफी सतर्क और डरे हुए हैं। कई निवासियों ने बताया कि इन दिनों हाथियों का चहलकदमी पहले की तुलना में अधिक हो गई है, जिससे घरों और फसलों को नुकसान का खतरा बढ़ गया है।
विशेषज्ञ सलाह व सुरक्षा उपाय
वन विभाग ने लोगों से स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं:
- हाथी दिखने पर पास न जाएं, फोटो या वीडियो बनाने की कोशिश न करें
- पालतू पशुओं को रात में जंगल किनारे न छोड़ें
- किसी भी आवाजाही की तुरंत सूचना वन विभाग या स्थानीय टीम को दें
- समूह में रहें और अंधेरे क्षेत्रों में अकेले न जाएं
वन विभाग का कहना है कि “सावधानी, दूरी और समय पर सूचना” ही मानव–वन्यजीव संघर्ष से बचने का सबसे सुरक्षित तरीका है।
आगे क्या
टीम हाथियों की गतिविधियों की लगातार मॉनिटरिंग कर रही है। जरूरत पड़ने पर संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त गश्त तैनात की जाएगी। विभाग ने कहा है कि ग्रामीणों के सहयोग से ही इस तरह की घटनाओं पर बेहतर नियंत्रण पाया जा सकता है।







