
लच्छीवाला — देर रात वन रेंज कार्यालय के समीप जंगल से हाथियों का एक झुंड गन्ने की फसल रौंदता हुआ आबादी क्षेत्र की ओर आ पहुंचा। हाथियों की चिंघाड़ से गांव में दहशत फैल गई। सूचना मिलते ही वन विभाग का गश्ती दल मौके पर पहुंचा और झुंड को वापस जंगल की ओर खदेड़ दिया। त्वरित कार्रवाई होने से बड़ा नुकसान टल गया।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
लच्छीवाला और आसपास के वन क्षेत्रों में हाथियों की आवाजाही नई बात नहीं, लेकिन हाल के दिनों में इसका दायरा बढ़ा है। कुछ दिन पहले कालूवाला मार्ग पर हाथी के हमले में एक बच्चे की मौत के बाद से इलाके में भय का माहौल कायम है। ग्रामीणों का कहना है कि हाथी अब लगातार आबादी क्षेत्रों की तरफ आ रहे हैं, जिससे शाम के बाद लोग घरों से बाहर निकलने में हिचकिचा रहे हैं।
अधिकारियों की जानकारी
वन विभाग के अनुसार देर रात हाथियों का झुंड गन्ने की फसल में घुस गया था। सूचना मिलते ही विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर पूरी सावधानी के साथ झुंड को जंगल की ओर खदेड़ दिया। लच्छीवाला वन क्षेत्राधिकारी मेधावी कीर्ति ने बताया कि गश्ती दल लगातार सक्रिय है और हाथियों की हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि हाथियों के आबादी क्षेत्र में आने पर ग्रामीण तुरंत वन विभाग को सूचना दें ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि रात के समय हाथियों की चिंघाड़ सुनकर पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया था। पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य पम्मीराज ने कहा कि जंगल से हाथियों का इस तरह बेखौफ आबादी क्षेत्र में आना चिंता का विषय है और इससे लोगों में लगातार दहशत बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि सुरक्षा के लिए अतिरिक्त गश्त की जरूरत है।
आगे क्या?
वन विभाग ने बताया कि हाथियों की आवाजाही वाले क्षेत्रों में रात के समय विशेष गश्त बढ़ाई जाएगी। साथ ही, ग्रामीणों को सतर्क रहने और किसी भी घटना की तत्काल सूचना देने की अपील की गई है। विभाग ने आश्वासन दिया है कि मानव–वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।







