
केदारनाथ: उत्तराखंड के पवित्र तीर्थ स्थल केदारनाथ धाम की दूसरे चरण की तीर्थयात्रा ने रफ्तार पकड़ ली है। सुहावने मौसम और प्राकृतिक सौंदर्य के बीच प्रतिदिन 10 हजार से अधिक तीर्थयात्री भगवान केदारनाथ के दर्शन कर पुण्य अर्जित कर रहे हैं। अब तक 17 लाख 12 हजार 613 तीर्थयात्री इस पवित्र धाम के दर्शन कर चुके हैं। अधिकांश श्रद्धालु जत्थों के साथ यात्रा पर पहुंच रहे हैं, जिससे धाम में भक्ति और उत्साह का माहौल है।
बारिश के बाद बदला मौसम, यात्रा ने पकड़ी रफ्तार
बीते अगस्त माह में भारी बारिश और अतिवृष्टि के कारण गौरीकुंड हाईवे और आस्था पथ पर भूस्खलन व भूधंसाव की घटनाओं ने तीर्थयात्रा को प्रभावित किया था। बारिश के चलते यात्रा धीमी पड़ गई थी, और प्रतिदिन केवल 5 हजार श्रद्धालु ही दर्शन के लिए पहुंच पा रहे थे। जिला प्रशासन को कुछ दिनों के लिए यात्रा रोकनी पड़ी थी। लेकिन अब मौसम सामान्य हो गया है, और केदारनाथ की प्राकृतिक सुंदरता फिर से तीर्थयात्रियों को आकर्षित कर रही है।
केदारनाथ में स्थानीय व्यवसायी विनोद सेमवाल ने बताया, “बरसात के बाद मौसम सुहावना हो गया है। धाम के आसपास की पहाड़ियों की तलहटी में हरी-भरी बुग्याली घास उग आई है, जो तीर्थयात्रियों को प्रकृति का अनुपम सौंदर्य प्रदान कर रही है। यात्रा ने अब रफ्तार पकड़ ली है, और जत्थों में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।”
तीर्थयात्रियों के लिए दोहरा आनंद: भक्ति और प्रकृति
केदारनाथ धाम की यात्रा इस समय भक्ति और प्राकृतिक सौंदर्य का अनूठा संगम बन रही है। सुहावने मौसम के कारण तीर्थयात्री न केवल भगवान शिव के दर्शन कर रहे हैं, बल्कि धाम के आसपास की हरी-भरी वादियों और बर्फीली चोटियों का लुत्फ भी उठा रहे हैं। तीर्थयात्रियों का कहना है कि केदारनाथ की शांति और प्राकृतिक सुंदरता उन्हें आत्मिक और मानसिक सुकून दे रही है।
यात्रा का आंकड़ा और व्यवस्थाएं
- कुल तीर्थयात्री: अब तक 17,12,613 लोग केदारनाथ धाम के दर्शन कर चुके हैं।
- दैनिक औसत: दूसरे चरण में प्रतिदिन 10,000 से अधिक श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।
- जत्थों में यात्रा: अधिकांश तीर्थयात्री संगठित जत्थों के साथ यात्रा कर रहे हैं, जिससे व्यवस्था सुचारू बनी हुई है।
जिला प्रशासन और बद्री-केदार मंदिर समिति ने यात्रा को सुगम बनाने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। गौरीकुंड से केदारनाथ तक मार्ग की मरम्मत, स्वास्थ्य सुविधाएं, और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। तीर्थयात्रियों के लिए पेयजल, विश्राम स्थल, और चिकित्सा सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।
स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिल रहा बढ़ावा
केदारनाथ यात्रा के रफ्तार पकड़ने से स्थानीय व्यवसायियों में भी उत्साह है। होटल, ढाबे, और परिवहन सेवाओं से जुड़े लोगों को अच्छा कारोबार मिल रहा है। विनोद सेमवाल ने कहा, “यात्रा के इस चरण ने न केवल तीर्थयात्रियों को सुकून दिया है, बल्कि हम जैसे स्थानीय व्यवसायियों को भी आर्थिक मजबूती मिली है।”
भक्ति और प्रकृति का संगम
केदारनाथ धाम की दूसरे चरण की तीर्थयात्रा ने न केवल भक्तों की आस्था को नई ऊर्जा दी है, बल्कि उत्तराखंड के पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बल प्रदान किया है। सुहावने मौसम और प्राकृतिक सौंदर्य के बीच यह यात्रा तीर्थयात्रियों के लिए अविस्मरणीय अनुभव बन रही है। जिला प्रशासन ने तीर्थयात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले पंजीकरण कराएं और मौसम की जानकारी रखें। केदारनाथ धाम की यह यात्रा भक्ति, शांति, और प्रकृति के अनुपम संगम का प्रतीक बनी हुई है।







