
ऋषिकेश/केदारनाथ: भाईदूज के पावन पर्व पर आज सुबह 8:30 बजे केदारनाथ मंदिर के कपाट विधि-विधान के साथ बंद कर दिए गए। सेना की बैंड धुन और जय बाबा केदार के जयघोष के बीच केदार बाबा की चल विग्रह पंचमुखी डोली ने मंदिर के सभामंडप से अपने शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ के लिए प्रस्थान किया।
डोली के प्रस्थान के दौरान हजारों श्रद्धालुओं का रेला उमड़ पड़ा। अनुमानित दस हजार से अधिक भक्त इस पावन अवसर के साक्षी बने। बाबा केदार की डोली के साथ श्रद्धालुओं ने जयकारों के बीच बाबा केदार के दर्शन कर पुण्य कमाया।
मंदिर के कपाट बंद करने की प्रक्रिया विशेष पूजा-आराधना के साथ सुबह 4 बजे से शुरू हुई। सबसे पहले बाबा केदार की चलविग्रह पंचमुखी डोली को सभामंडप से बाहर लाया गया और फिर मंदिर की परिक्रमा कराई गई। परिक्रमा और जयकारों के बीच मंदिर के कपाट बंद किए गए।
आज रात बाबा केदार की डोली रामपुर में प्रवास करेंगी, जिसके बाद ऊखीमठ के लिए आगे की यात्रा शुरू होगी।
साल 2025 में केदारनाथ यात्रा के दौरान अब तक 17.39 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा केदार के दर्शन किए और पुण्य अर्जित किया।
भाईदूज के इस पावन अवसर पर केदारनाथ मंदिर के कपाट बंद होने की यह प्रक्रिया श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत भावपूर्ण और धार्मिक महत्व की रही। बाबा केदार का शीतकालीन गद्दीस्थल ऊखीमठ में अगले छह महीनों तक उनकी उपस्थिति का केंद्र रहेगा।







