
केदारनाथ: उत्तराखंड के केदारनाथ धाम में मंदिर के कपाट बंद करने की प्रक्रिया शनिवार, 18 अक्टूबर से शुरू हो गई। इस प्रक्रिया के तहत क्षेत्रपाल भकुंट भैरवनाथ मंदिर में अंतिम पूजा-अर्चना संपन्न हुई। केदारनाथ स्वयंभू लिंग से शृंगार हटा दिया गया, और अब आरती सूक्ष्म रूप में होगी। मंदिर के कपाट 23 अक्टूबर को विधिवत बंद कर दिए जाएंगे, जिसके बाद पंचमुखी डोली शीतकालीन गद्दीस्थल ऊखीमठ के लिए प्रस्थान करेगी।
भैरवनाथ पूजा और कपाट बंदी
शनिवार को भकुंट भैरवनाथ मंदिर में दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक विशेष पूजाएं हुईं। आचार्य संजय तिवारी, आचार्य तेजप्रकाश त्रिवेदी, और बागेश्वर लिंग ने पूजा संपन्न की। केदार सभा के महामंत्री अंकित सेमवाल ने बताया कि 22 अक्टूबर को पंचमुखी डोली भंडार गृह से सभामंडप में विराजमान होगी। 23 अक्टूबर को तड़के 3 से 5 बजे तक समाधि पूजा होगी, और सुबह 6 बजे गर्भगृह के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे।
2024 की एक धार्मिक रिपोर्ट के अनुसार, केदारनाथ में इस साल 8 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे, जो मंदिर की महत्ता को दर्शाता है।
पंचमुखी डोली का प्रस्थान
कपाट बंद होने के बाद, 23 अक्टूबर को सुबह 8:30 बजे पंचमुखी डोली वेदपाठी, आचार्यगण, और हक-हकूकधारियों के साथ रामपुर के लिए रवाना होगी, जहां रात्रि प्रवास होगा। 24 अक्टूबर को डोली गुप्तकाशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचेगी। 25 अक्टूबर को विधि-विधान से डोली शीतकालीन गद्दीस्थल ऊखीमठ ओंकारेश्वर मंदिर में विराजमान होगी।
केदार सभा के अध्यक्ष राजकुमार तिवारी ने कहा, “यह प्रक्रिया धार्मिक परंपराओं के साथ पूरी की जा रही है। श्रद्धालुओं का उत्साह इस साल भी देखने लायक था।”
केदारनाथ का महत्व
केदारनाथ धाम, पंच केदारों में से एक और चार धामों का हिस्सा, हिमालय की गोद में बसा है। 2024 में मंदिर के कपाट बंद होने के दौरान 50,000 श्रद्धालु मौजूद थे, और इस साल भी भारी भीड़ की उम्मीद है। स्थानीय निवासी रमेश नेगी ने कहा, “कपाट बंदी का समय भावुक होता है। यह धाम हमारी आस्था का केंद्र है।”
आयोजन में शामिल लोग
इस अवसर पर केदार सभा के अध्यक्ष राजकुमार तिवारी, महामंत्री राजेंद्र तिवारी, अंकित सेमवाल, विनोद शुक्ला, अनिल शुक्ला, और पंकज शुक्ला सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। अंकित सेमवाल ने बताया कि सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं, और श्रद्धालुओं के लिए समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।







