Rudraprayag: Devotees during the opening of the doors of the Kedarnath Temple, in Rudraprayag district, Tuesday, April 25, 2023. (PTI Photo)(PTI04_25_2023_000026A)
केदारनाथ: केदारनाथ मंदिर के कपाट 23 अक्टूबर 2025 को प्रातः 8:30 बजे वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक परंपराओं के साथ शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। बुधवार, 22 अक्टूबर को भगवान केदारनाथ की चल विग्रह पंचमुखी डोली को मंदिर के सभामंडप में विराजमान किया गया। कपाट बंद होने की प्रक्रिया सुबह 4 बजे से विशेष पूजाओं के साथ शुरू होगी। कपाट बंद होने के बाद पंचमुखी डोली अपने पहले पड़ाव रामपुर में रात्रि प्रवास के लिए रवाना होगी। इस वर्ष 17.39 लाख श्रद्धालुओं ने बाबा केदार के दर्शन किए, जो चारधाम यात्रा 2025 की ऐतिहासिक सफलता को दर्शाता है।
कपाट बंद की प्रक्रिया
बुधवार को केदारसभा के पदाधिकारियों की अगुवाई में भंडारगृह से पंचमुखी डोली को मंदिर के सभामंडप में लाया गया। विशेष पूजाओं के बाद डोली को विराजमान किया गया। इस अवसर पर केदारसभा के अध्यक्ष पंडित राजकुमार तिवारी, मंत्री पंडित अंकित प्रसाद सेमवाल, धर्माधिकारी ओंकार शुक्ला, पुजारी बागेश लिंग, आचार्य संजय तिवारी और अखिलेश शुक्ला मौजूद रहे।
डीएम प्रतीक जैन, “कपाट बंद होने की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा, यातायात, चिकित्सा और अन्य व्यवस्थाओं के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।”
17.39 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
इस वर्ष चारधाम यात्रा के तहत केदारनाथ धाम में 17.39 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। यात्रा की शुरुआत से ही तीर्थयात्रियों की भारी भीड़ देखी गई। बुधवार को भी 5,000 से अधिक श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे। केदारनाथ में कड़ाके की ठंड और दोपहर बाद कोहरे के कारण तीर्थयात्री शाम को अपने कमरों में लौट गए।
सांसद और आयुक्त ने किए दर्शन
गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी ने बुधवार को परिवार के साथ बाबा केदार के दर्शन किए। उन्होंने विशेष पूजाओं में भाग लिया, जलाभिषेक किया और प्रदेश की खुशहाली की कामना की। बलूनी ने कपाट बंद होने की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। इसी तरह, गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडे ने भी परिवार के साथ दर्शन कर अभिषेक किया और मनौतियां मांगीं।
शीतकालीन प्रवास और तैयारियां
कपाट बंद होने के बाद पंचमुखी डोली रामपुर में रात्रि प्रवास करेगी और फिर ऊखीमठ के ओंकारेश्वर मंदिर में शीतकालीन पूजा होगी। प्रशासन ने शीतकाल में बर्फबारी और ठंड को देखते हुए सुरक्षा, यातायात और चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत किया है।







