
ऋषिकेश: ऋषिकेश स्थित परमार्थ निकेतन आश्रम में सोमवार से अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव का आगाज हो रहा है। इस वर्ष महोत्सव में दुनिया के 80 देशों से करीब 1,200 योग साधक योग की विभिन्न विधाओं का प्रशिक्षण लेने के लिए पहुंचे हैं। महोत्सव के दौरान योग, प्राणायाम और ध्यान के सत्रों के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम और सामूहिक प्रार्थना का आयोजन भी किया जाएगा।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
स्वर्गाश्रम क्षेत्र में स्थित परमार्थ निकेतन आश्रम में आयोजित यह महोत्सव पिछले 38 वर्षों से लगातार आयोजित किया जा रहा है। रविवार को आयोजित प्रेसवार्ता में आश्रम के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद मुनि महाराज ने बताया कि महोत्सव में भाग लेने के लिए दुनिया भर से साधक ऋषिकेश पहुंचे हैं, जिनमें से अधिकांश आश्रम में प्रवेश कर चुके हैं।
महोत्सव के दौरान सुबह 5 बजे से लेकर रात 9:30 बजे तक योग, प्राणायाम और ध्यान की विभिन्न विधाओं का विशेषज्ञ प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके अलावा भारतीय संस्कृति से जुड़े कार्यक्रम और आध्यात्मिक गतिविधियां भी आयोजित होंगी।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया
आयोजकों के अनुसार इस वर्ष महोत्सव में करीब 30 देशों के राजदूत भी शामिल हो रहे हैं। महोत्सव के दौरान विभिन्न सत्रों में योग विशेषज्ञ और आध्यात्मिक गुरु प्रतिभागियों को प्रशिक्षण देंगे।
स्वामी चिदानंद मुनि ने बताया कि योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य के लिए ही नहीं, बल्कि मानसिक तनाव से मुक्ति पाने का भी महत्वपूर्ण माध्यम है। यही कारण है कि देश-विदेश से बड़ी संख्या में लोग योग सीखने के लिए ऋषिकेश पहुंचते हैं।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय पर्यटन और योग से जुड़े लोगों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव से ऋषिकेश की पहचान वैश्विक योग राजधानी के रूप में और मजबूत होती है। उनका मानना है कि इस तरह के आयोजनों से न केवल आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलता है, बल्कि स्थानीय पर्यटन और रोजगार पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
आगे क्या होगा
महोत्सव के दौरान कई प्रमुख हस्तियां भी शामिल होंगी। आयोजकों के अनुसार सोमवार को योगगुरु बाबा रामदेव, आचार्य बालकृष्ण और नेपाल के राजदूत मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में भाग लेंगे।
इसके अलावा 10 मार्च को प्रसिद्ध ड्रम वादक शिवमणि, 13 मार्च को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और गायक कैलाश खेर भी महोत्सव में शामिल होंगे। आगे चलकर राज्यपाल के भी कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना है।
महोत्सव के दौरान प्रतिभागी योग साधना के साथ भारतीय सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देखेंगे और विश्व शांति के लिए सामूहिक प्रार्थना भी करेंगे।
आंकड़े और तथ्य
इस वर्ष महोत्सव में अमेरिका, जापान, चीन, रूस, यूक्रेन, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, जर्मनी, इटली, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका, मलेशिया, न्यूजीलैंड, इंडोनेशिया सहित 80 देशों के प्रतिभागी शामिल हो रहे हैं।
आयोजकों का कहना है कि महोत्सव के माध्यम से विदेशी साधकों को उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता और साहसिक पर्यटन से भी परिचित कराने का प्रयास किया जा रहा है।
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