
देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) में शनिवार को 157वीं पासिंग आउट परेड के दौरान अनुशासन, गौरव और देशभक्ति का अद्वितीय दृश्य देखने को मिला। चेहरे पर आत्मविश्वास और दिलों में देश पर समर्पण का जज्बा लिए 525 भारतीय कैडेट्स ने सेना में कमीशन प्राप्त कर राष्ट्र सेवा की शपथ ली, जबकि 14 मित्र देशों के 34 विदेशी कैडेट्स भी पास आउट हुए। थल सेना प्रमुख जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने परेड की समीक्षा करते हुए कैडेट्स को कर्तव्यनिष्ठा, नेतृत्व और सर्वोच्च त्याग की भावना के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
भारतीय सैन्य अकादमी देश के सबसे प्रतिष्ठित सैन्य प्रशिक्षण संस्थानों में से एक है, जहां हर वर्ष युवा कैडेट्स कठोर प्रशिक्षण के बाद भारतीय सेना में कमीशन प्राप्त करते हैं। पासिंग आउट परेड का दिन न केवल कैडेट्स बल्कि उनके परिवारों के लिए भी गर्व और भावनाओं से भरा होता है। यह समारोह एक अधिकारी के जीवन के नए अध्याय की शुरुआत माना जाता है, जहां वे राष्ट्र रक्षा की जिम्मेदारी अपने कंधों पर लेते हैं।
आधिकारिक जानकारी
थल सेना प्रमुख जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने परेड की समीक्षा की और प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले सभी कैडेट्स को अपनी शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि सेना में कमीशन मिलना सम्मान से ज्यादा जिम्मेदारी का विषय है, क्योंकि एक अधिकारी के निर्णय और आचरण से लाखों सैनिकों और नागरिकों को प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कैडेट्स को जीवनभर अनुशासन, समर्पण और नेतृत्व को अपने चरित्र का आधार बनाए रखने की सलाह दी।
उन्होंने यह भी कहा कि सैन्य सेवा केवल करियर नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति सर्वोच्च त्याग का प्रतीक है। अकादमी से बाहर निकलने के बाद हर कदम पर नए चैलेंज मिलेंगे, लेकिन वहीं एक अधिकारी की असली पहचान बनती है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
IMA परेड देखने आए अभिभावकों, परिजनों और अतिथियों के चेहरे गर्व और भावनाओं से चमक रहे थे। कई अभिभावकों ने कहा कि अपने बच्चे को वर्दी में कदम बढ़ाते देखना जीवन का सबसे गौरवपूर्ण क्षण है। देहरादून के स्थानीय निवासियों का कहना था कि IMA की परेड शहर की पहचान का एक अभिन्न हिस्सा बन चुकी है और हर साल यह उत्साह बढ़ाती है।
विशेष उपलब्धियाँ एवं प्रमुख पुरस्कार
परेड के दौरान कई कैडेट्स को उनकी उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। स्वॉर्ड ऑफ ऑनर और स्वर्ण पदक एसीए निश्कल द्विवेदी को मिला। रजत पदक बीयूओ बादल यादव और कांस्य पदक एसयूओ कमलजीत सिंह को प्रदान किया गया। टेक्निकल ग्रेजुएट कोर्स में प्रथम स्थान के लिए ऑफिसर कैडेट जाधव सुजीत संपत को सम्मानित किया गया, जबकि टेक्निकल एंट्री स्कीम 46 में प्रथम स्थान के लिए डब्ल्यूसीसी अभिनव मेहरोत्रा को रजत पदक मिला। स्पेशल कमीशन ऑफिसर्स कोर्स का रजत पदक ऑफिसर कैडेट सुनील कुमार छेत्री को दिया गया। विदेशी कैडेट्स में उत्कृष्ट प्रदर्शन का पदक बांग्लादेश के जेयूओ मोहम्मद सफ़ीन अशरफ को प्रदान किया गया।
इम्फाल कंपनी को ऑटम टर्म 2025 में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए थल सेना प्रमुख बैनर दिया गया।
आगे क्या
उत्तीर्ण कैडेट्स अब देश के विभिन्न सैन्य प्रतिष्ठानों और रेजीमेंट्स में अपनी पहली तैनाती के लिए प्रस्थान करेंगे। वहीं विदेशी कैडेट्स अपने-अपने देशों की सेनाओं में वापस जाकर प्रशिक्षित अधिकारी के रूप में ज़िम्मेदारियाँ संभालेंगे। 157वें कोर्स के साथ IMA ने एक बार फिर भारतीय सेना को सक्षम, अनुशासित और नेतृत्व क्षमता से सम्पन्न युवा अधिकारी प्रदान करने की परंपरा को आगे बढ़ाया है।






