
धर्म डेस्क: प्राचीन यूनान की सभ्यता अपने असंख्य देवी-देवताओं और रोचक मिथकों के कारण विश्वभर में प्रसिद्ध है। इन्हीं पौराणिक कथाओं में एक नाम सबसे शक्तिशाली और प्रभावशाली देवी के रूप में उभरता है—रानी हेरा। उन्हें “Queen of the Gods” कहा जाता है और प्राचीन ग्रीक समाज में विवाह, निष्ठा, संतान तथा स्त्री-सशक्तिकरण की संरक्षिका मानी जाती थीं।
हेरा की पूजा मुख्यतः आर्गोस और समोस में अत्यधिक प्रभाव के साथ की जाती थी। उनकी कहानियाँ न केवल धार्मिक आस्था का विषय थीं, बल्कि प्राचीन यूनानी समाज की सांस्कृतिक रीति-रिवाजों को भी गहराई से प्रभावित करती थीं।
हेरा का जन्म कहाँ हुआ था?
ग्रीक पौराणिक ग्रंथों, विशेषकर हेसियोड की थियोगोनी, के अनुसार रानी हेरा का जन्म समोस (Samos) द्वीप पर हुआ था।
समोस आज के तुर्की के तट के समीप पूर्वी ईजियन सागर में स्थित एक महत्वपूर्ण द्वीप है।
यह द्वीप प्राचीन यूनानियों के लिए हेरा का पवित्र निवास माना गया। यहाँ स्थित Heraion of Samos नामक विशाल मंदिर हेरा को समर्पित विश्व के सबसे प्राचीन पवित्र स्थलों में से एक रहा है।
इसके अलावा पेलोपोनेसस के आर्गोस और माइसीने क्षेत्र भी हेरा की पूजा के बड़े केंद्र रहे। इन क्षेत्रों में “Hera Argeia” के नाम से देवी की उपासना होती थी।
क्रोनोस और रिया की भयावह कथा — जहां से शुरू हुई देवी हेरा की कहानी
ग्रीक पौराणिक कथाओं में क्रोनोस टाइटन्स का राजा था। उसे यह भविष्यवाणी सुनाई गई थी कि उसके अपने ही पुत्रों में से कोई एक दिन उसका सिंहासन छीन लेगा। इस भय से वह अपने प्रत्येक बच्चे को जन्म लेते ही निगल जाता था।
रिया, जो क्रोनोस की पत्नी और देवी-देवताओं की माता थीं, अपने बच्चों को निगलते हुए देखकर पीड़ा में टूट गईं। हेरा, पोसाइडन, हेस्टिया, डेमेटर और हेडीज सभी क्रोनोस के पेट में कैद थे।
जब रिया गर्भवती हुईं और ज्यूस का जन्म होने वाला था, उन्होंने एक बुद्धिमानी भरा कदम उठाया। उन्होंने नवजात को छिपाकर क्रेते द्वीप पर दे दिया और क्रोनोस को बच्चे की जगह कपड़े में लिपटा हुआ एक पत्थर दे दिया। क्रोनोस ने बिना देखे उस पत्थर को भी निगल लिया।
ज्यूस को गुप्त रूप से क्रीट के पहाड़ों में पाला गया, जहाँ निंफों और दिव्य जीवों ने उसकी रक्षा की। यह वही ज्यूस था जिसने आगे चलकर पौराणिक इतिहास को नया मोड़ दिया।
ज्यूस का उदय और टाइटनों का युद्ध
जैसे ही ज्यूस बड़ा हुआ, उसने अपने पिता क्रोनोस को चुनौती दी। माना जाता है कि उसने क्रोनोस को एक विशेष औषधि पिलाई, जिसके प्रभाव से क्रोनोस ने अपने पेट में छिपे सभी बच्चों को बाहर निकाल दिया—इन्हीं में देवी हेरा भी थीं।
इसके बाद टाइटन्स और ओलंपियन देवताओं के बीच महायुद्ध छिड़ गया, जिसे “Titanomachy” कहा जाता है। यह युद्ध दस वर्षों तक चला, जिसके अंत में ज्यूस की विजय हुई और टाइटन्स पराजित होकर अंडरवर्ल्ड में भेज दिए गए।
यहीं से ओलंपियन देवताओं का युग आरंभ हुआ।
कैसे बनीं हेरा देवी-देवताओं की रानी?
क्रोनोस की कैद से मुक्त होने के बाद, हेरा ओलंपियन देवताओं में सबसे प्रमुख देवी के रूप में उभरीं। तीव्र सौंदर्य, गरिमा और शक्ति के कारण वे देवताओं की सर्वोच्च रानी मानी गईं।
बाद में ज्यूस और हेरा का विवाह हुआ, जिसके बाद हेरा आधिकारिक रूप से Mount Olympus की रानी बन गईं।
ज्यूस अपनी अनेक प्रेम कथाओं के लिए प्रसिद्ध था, जबकि हेरा अपनी ईर्ष्या और न्यायप्रियता के लिए जानी जाती थीं। उन्होंने कई बार ज्यूस की प्रेमिकाओं या उनके बच्चों को दंड दिया, परंतु इसका उद्देश्य केवल परिवार की प्रतिष्ठा और विश्वास को बनाए रखना बताया गया है।
हेरा महिलाओं की संरक्षिका थीं, और विवाह को पवित्र संस्था मानने वाले प्राचीन समाज में उनकी पूजा अत्यधिक सम्मान के साथ की जाती थी।
हेरा की विशेषताएं और आधुनिक महत्व
- विवाह, संतान और स्त्री सम्मान की देवी
- प्राचीन ग्रीक समाज में स्त्री-सशक्तिकरण का प्रतीक
- न्यायप्रिय और दृढ़ इच्छाशक्ति वाली देवी
- पारिवारिक प्रतिष्ठा की संरक्षिका
- पारंपरिक त्योहार “Heraia Festival” की मुखिया
आज भी ग्रीक सभ्यता का अध्ययन हेरा के बिना अधूरा माना जाता है। उनकी कहानियाँ साहित्य, कला, कविता और आधुनिक फिल्मों तक में प्रेरणा बनती हैं।







