
हरिद्वार: बीजेपी के पूर्व विधायक सुरेश राठौर और खुद को उनकी पत्नी बताने वाली उर्मिला सनावर अब तक पुलिस के सामने पेश नहीं हुए हैं। दोनों के खिलाफ हरिद्वार जिले में दो-दो मुकदमे दर्ज हैं, जिनकी जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। एसआईटी की ओर से दोनों को दो-दो नोटिस भेजे जा चुके हैं, लेकिन अब तक किसी ने भी अपने बयान दर्ज नहीं कराए हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच में सहयोग न करने पर आगे सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
बीते दिनों उर्मिला सनावर द्वारा जारी एक ऑडियो सामने आया था, जिसमें उन्होंने सुरेश राठौर के साथ कथित बातचीत का दावा किया था। इस ऑडियो में अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़ी कथित जानकारी और एक वीआईपी का जिक्र किया गया था। ऑडियो के सामने आने के बाद पूरे प्रदेश में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली और सीबीआई जांच की मांग तेज हो गई।
आधिकारिक जानकारी
हरिद्वार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने बताया कि यदि सुरेश राठौर और उर्मिला सनावर शीघ्र एसआईटी के सामने उपस्थित होकर जांच में सहयोग नहीं करते हैं, तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि दोनों के घरों पर पहले ही नोटिस चस्पा किए जा चुके हैं, इसके बावजूद वे पुलिस के समक्ष पेश नहीं हुए हैं।
एसआईटी जांच की स्थिति
एसएसपी डोबाल ने यह भी अपील की है कि जिनके पास इस मामले से जुड़े कोई साक्ष्य हैं, वे पुलिस को उपलब्ध कराएं, ताकि जांच को आगे बढ़ाया जा सके। उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों पक्ष जांच में सहयोग करेंगे, अन्यथा एसआईटी कानूनी कार्रवाई को आगे बढ़ाएगी।
पुलिस के अनुसार उर्मिला सनावर के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) पहले ही जारी किए जा चुके हैं, जिसके बाद से पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई है।
अन्य मामलों का विवरण
बताया गया है कि उर्मिला सनावर और सुरेश राठौर के खिलाफ हरिद्वार और देहरादून में अलग-अलग मुकदमे दर्ज हैं। इसके अलावा मार्च 2025 में रानीपुर कोतवाली में सुरेश राठौर की बेटी की ओर से भी उर्मिला के खिलाफ एक मुकदमा दर्ज कराया गया था, जिसमें नोटिस का जवाब न देने पर अदालत ने एनबीडब्ल्यू जारी किए थे।
वहीं सुरेश राठौर को 6 जनवरी 2025 को हरिद्वार के झबरेड़ा थाने और देहरादून के नेहरू कॉलोनी थाने में दर्ज मामलों में गिरफ्तारी पर स्टे मिला हुआ है।
आगे क्या होगा
एसआईटी का नेतृत्व अभय सिंह कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जांच में सहयोग न मिलने की स्थिति में कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल दोनों के पेश न होने से जांच की प्रगति प्रभावित हो रही है।







