
हरिद्वार: शहर के ललतारा पुल के पास देर रात भीषण आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आग की चपेट में आकर सात अस्थायी दुकानें पूरी तरह जलकर खाक हो गईं, जिससे दुकानों में रखा लाखों रुपये का सामान नष्ट हो गया। घटना के बाद पीड़ित दुकानदारों के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच जारी है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
ललतारा पुल क्षेत्र में सड़क किनारे अस्थायी दुकानें लंबे समय से छोटे कारोबारियों की आजीविका का साधन रही हैं। देर रात लगी आग ने एक झटके में कई परिवारों की कमाई छीन ली। इससे पहले भी शहर में अस्थायी दुकानों में आग की घटनाएं सामने आती रही हैं, जिनमें सुरक्षा इंतजामों की कमी एक बड़ा कारण मानी जाती है।
आधिकारिक जानकारी
आग की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और समय रहते आग पर काबू पा लिया गया। शिशुपाल सिंह नेगी ने बताया कि प्रथम दृष्टया आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट प्रतीत हो रही है, हालांकि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। प्रशासन की ओर से नुकसान का आकलन भी किया जा रहा है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, देर रात एक दुकान से धुआं उठता दिखा और देखते ही देखते आग विकराल हो गई। दुकानों के मालिक मौके पर पहुंचे तो अपनी दुकानें जलती देख कई लोग भावुक हो गए। पीड़ित दुकानदारों का कहना है कि वे खाने-पीने का छोटा कारोबार कर परिवार चलाते थे और अब उनके सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने प्रशासन से आर्थिक सहायता की मांग की है।
नुकसान का आकलन
आग से सात दुकानें पूरी तरह नष्ट हो गईं। दुकानों में रखा सामान, गैस सिलेंडर और अन्य सामग्री जलकर राख हो गई। प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक नुकसान लाखों रुपये में है।
आगे क्या होगा
प्रशासन और फायर विभाग आग लगने के कारणों की विस्तृत जांच कर रहे हैं। नुकसान के आकलन के बाद पीड़ितों को राहत देने के संबंध में निर्णय लिया जा सकता है। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचाव के लिए सुरक्षा उपायों को मजबूत करने पर भी विचार किया जा रहा है।







