
हरिद्वार: वर्ष 2027 में होने वाले अर्धकुंभ से पूर्व ही धर्मनगरी हरिद्वार कुंभ के रंग में रंगने लगी है। शहर को आकर्षक और सुव्यवस्थित रूप देने के लिए प्रशासन ने बड़े स्तर पर सौंदर्यीकरण अभियान शुरू किया है। सुभाष घाट से शुरू हुई रंगाई-पुताई के तहत घरों, होटलों, धर्मशालाओं और दुकानों के बोर्डों को एक समान हल्के भगवा रंग में रंगा जा रहा है, ताकि कुंभ में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को स्वच्छ और सुंदर शहर की छवि प्रस्तुत की जा सके।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
अर्धकुंभ 2027 को सरकार पूर्ण कुंभ की तर्ज पर भव्य रूप से आयोजित करने की तैयारी कर रही है। इसी उद्देश्य से हरिद्वार शहर के सौंदर्यीकरण और आधारभूत ढांचे को बेहतर बनाने पर खास ध्यान दिया जा रहा है। शहर के मुख्य मार्गों, घाटों और बाजार क्षेत्रों को एक समान रंग और डिज़ाइन में ढालने की योजना पिछले कुछ समय से विचाराधीन थी, जिसे अब धरातल पर उतारा जा रहा है।
आधिकारिक जानकारी
हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण (एचआरडीए) द्वारा शुरू किए गए पहले चरण में सुभाष घाट के आसपास कई भवनों को हल्के भगवा रंग में रंगा गया है। दुकानों के बोर्ड, बाहरी दीवारें और साइन बोर्ड भी एक समान रंग में तैयार किए जा रहे हैं।
कुंभ मेलाधिकारी एवं एचआरडीए की उपाध्यक्ष सोनिका ने कहा कि यह पहल हरिद्वार की ऐतिहासिक और धार्मिक पहचान को निखारने के साथ-साथ 2027 के कुंभ मेला आगंतुकों को एक सुंदर और सुव्यवस्थित शहर का अनुभव दिलाएगी। उन्होंने बताया कि अगले चरण में गंगा किनारे स्थित अन्य भवनों और बाजार क्षेत्रों को भी इसी रंग योजना में शामिल किया जाएगा। इसके लिए व्यापारियों और धर्मशाला संचालकों से समन्वय बनाया जा रहा है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि सुभाष घाट का बदलता रूप शहर को नई पहचान दे रहा है और यह कदम कुंभ से पहले हरिद्वार की छवि को और खूबसूरत बनाएगा।
व्यापारियों ने बताया कि प्रशासन ने अभियान शुरू करने से पहले सुझाव मांगे थे और सभी ने इसे सहमति दी। उनका मानना है कि शहर की सुंदरता बढ़ने से व्यापार में भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
विशेषज्ञ/स्थानीय टिप्पणी
कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि शहर में एक समान रंग होने से धार्मिक माहौल और पवित्रता की भावना और भी मजबूत दिखाई देगी।
अगला कदम
अगले चरण में गंगा तटवर्ती क्षेत्रों, मुख्य बाजारों और प्रमुख मार्गों के भवनों को एक ही रंग में रंगने का कार्य आगे बढ़ाया जाएगा। प्रशासन व्यापारियों और स्थानीय निवासियों के साथ समन्वय बनाकर पूरे शहर की सौंदर्यीकरण योजना को तेज़ी से लागू करने की तैयारी कर रहा है। कुंभ 2027 तक हरिद्वार के संपूर्ण स्वरूप को एक नया धार्मिक और आकर्षक रूप देने का लक्ष्य तय किया गया है।







