
हरिद्वार | कुंभ मेला 2021 के दो करोड़ रुपये के घोटाले की गुत्थी अभी सुलझी भी नहीं थी कि अब कुंभ 2027 की तैयारियों में ही भ्रष्टाचार की परतें खुलने लगी हैं। करोड़ों रुपये खर्च कर बनाए गए नए घाटों का सीसी फाउंडेशन अभी से ही दरक गया है, आरसीसी निर्माण बह गया है और कई जगह सरिए तक बाहर नजर आने लगे हैं।
इसको लेकर विपक्ष ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
नहर खुलते ही बह गया सीसी फाउंडेशन
उत्तराखंड सिंचाई विभाग ने इस वर्ष दशहरे की आधी रात को हुई वार्षिक बंदी के दौरान कुल 11 प्रस्तावित घाटों में से 9 पर तेजी से काम शुरू किया था। यह तब किया गया जब उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग ने इस निर्माण पर आधिकारिक आपत्ति जताई थी।
जल्दबाजी में फाउंडेशन तैयार किया गया और जैसे ही नहर में जलधारा छोड़ी गई, कई घाटों का सीमेंट-कंक्रीट फाउंडेशन बह गया। जगह-जगह दरारें और दरकनें देखी गईं और फाउंडेशन में डाले गए सरिए दूर से साफ दिखने लगे।
ऋषिकुल से लेकर अमरापुर घाट तक बने नए घाटों की नींव में गंभीर खामियां सामने आने पर पूरे शहर में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया। आमजन ने इसे “भ्रष्टाचार का पहला चरण” करार दिया।
विपक्ष ने जताई कड़ी नाराजगी
पूर्व मेयर अनीता शर्मा, कांग्रेस नेता अमन गर्ग और कैश खुराना ने विभागीय अनदेखी पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। सोशल मीडिया पर दरकते घाटों की तस्वीरें वायरल हो गईं, जिस पर लोगों ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
लोगों का कहना है कि लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा को दांव पर रखकर घटिया निर्माण कार्य कराया गया है।
अधिकारियों ने किया था “एडवांस टेक्नोलॉजी” का दावा
निर्माण शुरू होते समय अधिकारियों ने करोड़ों रुपये खर्च कर एडवांस टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल का दावा किया था। अधिशासी अभियंता ओमजी गुप्ता का कहना था कि “नहर खुलने के बाद किसी प्रकार की समस्या नहीं होगी”, लेकिन अब उसी जगहों पर दरारें सामने आ रही हैं।
बताया जा रहा है कि निर्माण अधूरा होने पर उत्तराखंड सिंचाई विभाग ने उत्तर प्रदेश विभाग को अतिरिक्त समय की मांग वाला पत्र भेजा था, जिसे आपत्ति के साथ लौटा दिया गया।
मौके पर पहुंचीं मेला अधिकारी सोनिका
नवनिर्मित घाटों के फाउंडेशन टूटने की सूचना पर मेला अधिकारी सोनिका और अपर मेला अधिकारी दयानंद सरस्वती मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति का मौका निरीक्षण किया।
अधिशासी अभियंता ओमजी गुप्ता ने बताया कि—
“जहां-जहां घाटों में दरारें आई हैं, वहां सुधार का कार्य जल्द किया जाएगा। फिलहाल, थर्ड पार्टी को मौके पर बुलाकर क्वालिटी जांच के लिए सैंपलिंग कराई जा रही है। किसी भी भुगतान से पहले पूरी जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जाएगा।”
उन्होंने यह भी कहा कि यदि जांच में खामियां साबित होती हैं, तो ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई और नोटिस जारी किया जाएगा।
बड़ा सवाल — क्या फिर दोहराएगा 2021 का इतिहास?
2021 के कुंभ में भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद अब 2027 कुंभ की तैयारियों में भी लापरवाही और भ्रष्टाचार की आहट ने सरकार और विभागों की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जनता अब जानना चाहती है कि आखिर करोड़ों रुपये का हिसाब कौन देगा?





