
हरिद्वार: उत्तर भारत में बढ़ती ठंड का असर उत्तराखंड के मैदानी इलाकों में साफ दिखाई देने लगा है। बुधवार को हरिद्वार, रुड़की और ऊधम सिंह नगर सहित तराई क्षेत्रों में घना कोहरा छाया रहा, जिससे सड़कों पर दृश्यता काफी कम हो गई। सुबह से शाम तक कोहरे की चादर बनी रहने के कारण आम जनजीवन प्रभावित हुआ और हाईवे पर वाहनों की रफ्तार धीमी नजर आई। मौसम विभाग ने आने वाले कुछ दिनों तक इसी तरह के हालात बने रहने की संभावना जताते हुए लोगों से सतर्कता बरतने की अपील की है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
पिछले कुछ दिनों से उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में ठंड और कोहरे का असर बढ़ता जा रहा है। उत्तर प्रदेश में कोहरे के कारण सड़क हादसों में वृद्धि की खबरें सामने आई हैं, जिससे उत्तराखंड के तराई क्षेत्रों में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है।
आधिकारिक जानकारी
मौसम विभाग के अनुसार बुधवार सुबह से हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर और रुड़की में घना कोहरा छाया रहा, जो शाम तक बना रहा। विभाग का कहना है कि आने वाले कुछ दिनों तक तराई क्षेत्रों में कोहरे की स्थिति बनी रह सकती है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
हरिद्वार में कोहरे की चादर इतनी घनी रही कि हर की पैड़ी पर गंगा और आसपास के मंदिर भी धुंधले दिखाई दिए। श्रद्धालुओं को गंगा स्नान में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों का कहना है कि कोहरे के कारण सुबह और शाम के समय आवागमन में परेशानी हो रही है।
विशेषज्ञ की राय
मौसम वैज्ञानिक रोहित थपलियाल ने बताया कि अगले कुछ दिनों तक मैदानी इलाकों में मौसम इसी तरह बना रह सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि 20 और 21 दिसंबर को कुछ स्थानों पर हल्की बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी की संभावना है।
पहाड़ी क्षेत्रों की स्थिति
ऊंचाई वाले इलाकों में ठंड के कारण तापमान लगातार गिर रहा है। चमोली जिले की नीती घाटी और गंगोत्री नेशनल पार्क क्षेत्र में छोटी नदियां और झरने जमने लगे हैं। हालांकि पर्यटक स्थलों पर बर्फबारी का इंतजार कर रहे पर्यटकों को फिलहाल ज्यादा राहत की उम्मीद नहीं है।
आगे क्या होगा
मौसम विभाग के अनुसार कोहरे और ठंड का असर अगले कुछ दिनों तक बना रह सकता है। पुलिस और परिवहन विभाग ने वाहन चालकों से अपील की है कि कोहरे के दौरान धीमी गति से वाहन चलाएं और आवश्यक सावधानी बरतें।






