
हरिद्वार: हरिद्वार में अतिक्रमण हटाने को लेकर प्रशासन ने अभियान और तेज कर दिया है। शुक्रवार सुबह यूपी सिंचाई विभाग की भूमि पर फैले अवैध कब्जों के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई शुरू की गई, जिसमें करीब एक से डेढ़ किलोमीटर क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि धामी सरकार के निर्देशों के तहत सरकारी और सिंचाई विभाग की जमीन से अवैध कब्जे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
हरिद्वार में लंबे समय से सरकारी और सिंचाई विभाग की भूमि पर अस्थायी व स्थायी अतिक्रमण की शिकायतें सामने आ रही थीं। इससे न केवल सार्वजनिक परिसंपत्तियों को नुकसान पहुंच रहा था, बल्कि जल प्रबंधन और विकास कार्य भी प्रभावित हो रहे थे। इन्हीं कारणों से प्रशासन ने अतिक्रमण के खिलाफ सघन अभियान चलाने का निर्णय लिया।
आधिकारिक जानकारी
मौके पर मौजूद उपजिलाधिकारी जितेंद्र कुमार ने बताया कि अतिक्रमणकारियों को पहले नोटिस जारी कर चेतावनी दी जाती है। इसके बावजूद कब्जा न हटाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाती है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने भी साफ कहा है कि हरिद्वार में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जाएगा और यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि अतिक्रमण हटने से क्षेत्र में आवागमन और सुरक्षा व्यवस्था बेहतर होगी।
कई निवासियों ने बताया कि प्रशासन की इस कार्रवाई से सरकारी जमीनों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
संख्या / आंकड़े
कार्रवाई में करीब 1 से 1.5 किलोमीटर क्षेत्र अतिक्रमण मुक्त कराया गया।
सिंचाई विभाग के अनुसार लगभग एक हेक्टेयर भूमि पर मुख्य रूप से अस्थायी अतिक्रमण था।
आगे क्या होगा
सिंचाई विभाग के एसडीओ भारत भूषण ने बताया कि अतिक्रमणकारियों को पहले ही नोटिस और मुनादी के जरिए चेताया गया था। कुछ लोगों ने स्वयं कब्जा हटा लिया, जबकि शेष पर विभागीय कार्रवाई की गई। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में भी अतिक्रमण के खिलाफ इसी तरह लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।





