
हरिद्वार: शहर और उसके आसपास के इलाकों में जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। बीती रात बिल्केश्वर कॉलोनी में हाथियों ने एक घर की दीवार गिरा दी और बाहर खड़ी बाइक को रौंद डाला, वहीं जगजीतपुर क्षेत्र में झुंड ने खेतों में घुसकर फसलों को बर्बाद कर दिया। लगातार होती घटनाओं से लोगों में डर और नाराजगी दोनों बढ़ रहे हैं।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
हरिद्वार शहर के जंगलों से सटे कई इलाकों में पिछले कुछ महीनों से हाथियों की आवाजाही बढ़ी है। कभी सड़क पर, कभी खेतों में और कभी कॉलोनियों में—हाथियों के लगातार घुसने से स्थानीय निवासियों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है। कई लोग शिकायत करते रहे हैं कि विभाग अभी तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाल पाया है।
अधिकारिक जानकारी
रेंज अधिकारी शैलेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि हाथियों को आबादी में घुसने से रोकने के लिए गश्ती दल को अलर्ट मोड पर रखा गया है। हाथी दिखने पर टीम तत्काल उन्हें जंगल की ओर खदेड़ती है। उन्होंने कहा कि समस्या के स्थायी समाधान को लेकर उच्च अधिकारियों को पत्र भेजा गया है।
रेंज अधिकारी ने लोगों से अपील की कि हाथियों के आसपास भीड़ न जुटाएं, मोबाइल से वीडियो न बनाएं और सुरक्षित दूरी बनाए रखें। किसी भी वन्यजीव की उपस्थिति पर विभाग को तुरंत सूचना दें।
स्थानीय प्रतिक्रिया
बिल्केश्वर कॉलोनी में देर रात हुए उत्पात से लोग दहशत में नींद से जाग गए। एक स्थानीय निवासी ने बताया, “हाथियों ने अचानक दीवार तोड़ दी और गाड़ी को भी नुकसान पहुंचाया। हम सब डर के मारे बाहर निकल आए।”
जगजीतपुर क्षेत्र के किसानों का कहना है कि झुंड ने गन्ना और धान की फसलें रौंदकर भारी नुकसान पहुंचाया है। ग्रामीणों का कहना है कि रात में खेतों की रखवाली करना जोखिम भरा हो गया है। कई लोगों ने विभाग पर आरोप लगाते हुए कहा कि न तो फेंसिंग हो रही है और न ही गश्त बढ़ाई जा रही है।
पहले भी हुईं घटनाएँ
तीन दिन पहले राजा गार्डन की वसुंधरा एंक्लेव में भी एक जंगली हाथी घुस आया था। हाथी ने एक कार पर हमला कर उसे क्षतिग्रस्त कर दिया था। घटना सीसीटीवी में कैद भी हुई थी। इसके बावजूद हाथियों की आवाजाही पर नियंत्रण नहीं हो पा रहा है।
आगे क्या?
वन विभाग ने हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए टीमों को तैनात किया है। विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि स्थायी समाधान के लिए fence और मार्ग-निर्देशन पैटर्न पर उच्च स्तर पर चर्चा चल रही है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।






