
देहरादून: कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत इन दिनों अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में हैं। रावत ने लगातार भाजपा नेताओं पर व्यक्तिगत टिप्पणियाँ करते हुए कहा है कि वे कई नेताओं का “पूरा बैकग्राउंड” जानते हैं, जिसके चलते भाजपा खेमे में हलचल बढ़ गई है। उनके हालिया बयानों ने देहरादून में राजनीतिक तनाव को और तेज कर दिया है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
उत्तराखंड की राजनीति में हरक सिंह रावत हमेशा से तेजतर्रार बयानबाजी के लिए जाने जाते रहे हैं। हाल के दिनों में उन्होंने भाजपा नेताओं पर सीधे तौर पर व्यक्तिगत आरोप लगाकर राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। यह बयान ऐसे समय में आए हैं जब प्रदेश में राजनीतिक गतिविधियाँ फिर से तेज हो रही हैं और पार्टियों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर बढ़ा है।
औपचारिक जानकारी
हरक सिंह रावत ने भाजपा नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि वे विनोद चमोली, सतपाल महाराज, तीरथ सिंह रावत, त्रिवेंद्र सिंह रावत, रमेश पोखरियाल निशंक और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जैसे नेताओं का पूरा बैकग्राउंड जानते हैं। उन्होंने दावा किया कि यदि वे इन नेताओं के बारे में “ज़्यादा खुलासा” कर दें तो उन्हें राजनीतिक रूप से नुकसान हो सकता है।
पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक पर कटाक्ष करते हुए रावत ने उनकी शिक्षा को लेकर टिप्पणी की और कहा कि “वे वास्तव में कितने पढ़े-लिखे हैं, मैं जानता हूँ।”
भाजपा नेताओं की ओर से इस पूरे मामले पर अब तक सीधी प्रतिक्रिया नहीं आई है। कई नेता टिप्पणी करने से बचते दिखे।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि रावत के बयानों के पीछे आगामी राजनीतिक समीकरणों का संकेत भी छिपा हो सकता है। देहरादून के कुछ व्यापारियों और नागरिकों ने कहा कि इस तरह की बयानबाजी से प्रदेश का राजनीतिक वातावरण अनावश्यक रूप से गरम हो जाता है। कई लोगों का मानना है कि व्यक्तिगत टिप्पणियों के बजाय नेताओं को नीतियों और विकास पर संवाद करना चाहिए।
आगे क्या?
राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा है कि भाजपा इस मामले पर आधिकारिक प्रतिक्रिया दे सकती है। वहीं कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत आगे और भी बयान देने की तैयारी में दिख रहे हैं, जिससे आने वाले दिनों में उत्तराखंड की राजनीति और तेज गर्मा सकती है।





