
त्यूणी (देहरादून): देहरादून के सीमांत क्षेत्र त्यूणी स्थित हनोल महासू मंदिर के पास एक निजी भवन में प्रार्थना स्थल बनाए जाने की सूचना पर रविवार को विवाद की स्थिति बन गई। रुद्र सेवा फाउंडेशन के संस्थापक राकेश तोमर उत्तराखंडी कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुंचे और प्रशासन से भवन को सील करने की मांग की।
क्या है मामला
राकेश तोमर ने आरोप लगाया कि मंदिर के समीप एक निजी भवन में चर्च जैसी गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। उन्होंने मांग की कि हनोल महासू मंदिर के 500 मीटर के दायरे में गैर हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया जाए और संबंधित व्यक्ति का जनजाति प्रमाण पत्र निरस्त किया जाए।
संगठन ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
भवन मालिक का पक्ष
भवन स्वामी ने बताया कि उनकी पत्नी लंबे समय से बीमार थीं। वर्ष 2012-13 में उन्होंने ईसाई धर्म स्वीकार किया, जिसके बाद पत्नी के स्वास्थ्य में सुधार हुआ। उनका कहना है कि वे अपने घर में प्रार्थना करते हैं और किसी प्रकार का चर्च संचालित नहीं कर रहे।
हालांकि भवन के भीतर धार्मिक चिन्ह और सजावट को लेकर कार्यकर्ताओं ने आपत्ति जताई।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
सूचना मिलते ही थाना प्रभारी अश्वनी बलूनी मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि यदि आपत्ति है तो लिखित शिकायत दी जाए, जिसके आधार पर जांच की जाएगी।
एसपी देहात पंकज गैरोला ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। यदि चर्च बनाए जाने की पुष्टि होती है, तो संबंधित अनुमति और कानूनी पहलुओं की जांच की जाएगी।
आगे की स्थिति
फिलहाल प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। संगठन की ओर से कार्रवाई की मांग को लेकर दबाव बना हुआ है। क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए पुलिस सतर्क है।






