
हल्द्वानी: कृषि मंत्री गणेश जोशी ने काठगोदाम सर्किट हाउस में विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान उद्यान और कृषि विभाग के अधिकारियों से विभिन्न योजनाओं की जानकारी मांगी, लेकिन अधिकारी संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इस पर मंत्री ने कड़ी नाराज़गी जताते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि भविष्य में ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और विभागीय बैठक में तैयारी के साथ उपस्थित होना अनिवार्य होगा।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
कृषि और उद्यान विभाग राज्य सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल हैं। सेब, कीवी, मिलेट्स और पॉलीहाउस मिशन जैसी योजनाओं के विस्तार को लेकर सरकार कई बार दिशा–निर्देश जारी कर चुकी है। गुरुवार को हल्द्वानी में आयोजित समीक्षा बैठक का उद्देश्य इन्हीं योजनाओं की प्रगति को जानना था, लेकिन अधिकारियों की अधूरी जानकारी से मंत्री असंतुष्ट दिखाई दिए।
आधिकारिक जानकारी
बैठक में कुमाऊँ आयुक्त दीपक रावत और जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे। समीक्षा के दौरान उद्यान अधिकारी एप्पल मिशन, कीवी मिशन और पॉलीहाउस निर्माण संबंधी अद्यतन जानकारी प्रस्तुत नहीं कर पाए। कृषि मंत्री ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए चेतावनी दी कि आगे से किसी भी बैठक में इस प्रकार की स्थिति नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने निर्देश दिया कि जनपद में सेब, कीवी और मिलेट्स के उत्पादन पर विशेष ध्यान दिया जाए। नाबार्ड के तहत पॉलीहाउस निर्माण के लिए किसानों के खातों में सीधे धनराशि हस्तांतरित करने की व्यवस्था बनाई जाए, ताकि निर्माण में देरी न हो।
कृषि यंत्रों का वितरण न्याय पंचायत आधारित हो और सरकारी योजनाओं की जानकारी जनप्रतिनिधियों को समय–समय पर उपलब्ध कराई जाए, ताकि पात्र किसान किसी भी लाभ से वंचित न रहें।
मृदा स्वास्थ्य कार्ड को शत–प्रतिशत उपलब्ध कराने, पीएम किसान सम्मान निधि योजना में एक भी पात्र किसान को छूट न मिलने देने और मौन पालन (Beekeeping) को स्वरोजगार के रूप में बढ़ावा देने के भी निर्देश दिए गए।
महिला स्वयं सहायता समूहों को आजीविका से जोड़ते हुए “लखपति दीदी” योजना के विस्तार पर भी विशेष जोर दिया गया।
सैनिक कल्याण विभाग की समीक्षा में मंत्री ने बीसी जोशी के नाम पर छात्रावास निर्माण हेतु तुरंत निरीक्षण कर आवश्यक औपचारिकताएँ 15 दिनों में पूरी करने को कहा। हल्द्वानी में सैनिक विश्राम गृह की क्षमता बढ़ाने और कार्यालय भवन निर्माण के लिए डीपीआर जल्द शासन को भेजने का भी निर्देश दिया गया।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय किसान संगठनों का कहना है कि मंत्री की सख्ती आवश्यक थी, क्योंकि कई योजनाओं में प्रगति धीमी है। किसानों का मानना है कि पॉलीहाउस निर्माण और कीवी–सेब मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन से उत्पादन और आय दोनों बढ़ सकती हैं।
हल्द्वानी के कुछ युवाओं ने मौन पालन को बढ़ावा देने के निर्देशों का स्वागत करते हुए कहा कि यदि तकनीकी और वित्तीय सहायता मिले तो यह क्षेत्र रोजगार का बड़ा माध्यम बन सकता है। वहीं स्थानीय महिलाओं ने “लखपति दीदी” योजना के विस्तार को सकारात्मक कदम बताया।
आगे क्या?
मंत्री के निर्देश के बाद अब कृषि और उद्यान विभाग को योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट तुरंत तैयार करनी होगी। विभागीय स्तर पर जवाबदेही तय करने और फील्ड निरीक्षण को मजबूत करने की संभावना भी जताई जा रही है।
सरकार का लक्ष्य है कि कृषि–उद्यान, आजीविका और सैनिक कल्याण से संबंधित सभी योजनाओं का क्रियान्वयन तेज किया जाए ताकि जनपद में ठोस परिणाम दिखाई दें।





