
हल्द्वानी: हल्द्वानी में सड़क किनारे बढ़ते अतिक्रमण को लेकर अब प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। नगर निगम और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने आईटीआई रोड और कार्यशाला रोड पर अवैध रूप से किए गए अतिक्रमण को हटाने की बड़ी कार्रवाई की। इस दौरान सड़क किनारे बनी दुकानों को ध्वस्त किया गया, जबकि रेहड़ी और ठेलों को जब्त किया गया। प्रशासन की इस कार्रवाई से पूरे क्षेत्र में हड़कंप की स्थिति बनी रही और अतिक्रमणकारियों में अफरा-तफरी मच गई।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
हल्द्वानी शहर में लंबे समय से सड़क किनारे अतिक्रमण की समस्या बनी हुई है, जिससे यातायात बाधित होने के साथ-साथ दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ रही थी। पूर्व में भी नगर निगम द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई थी, लेकिन कुछ समय बाद दोबारा अतिक्रमण कर लिया गया। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद प्रशासन ने एक बार फिर सख्त कदम उठाया है।
आधिकारिक जानकारी
नगर निगम और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने क्रियाशाला रोड और आईटीआई रोड पर अभियान चलाकर दर्जनों कच्ची और पक्की दुकानों को ध्वस्त किया। इस दौरान अवैध रूप से लगाए गए ठेलों और रेहड़ियों को जब्त किया गया। प्रशासन के अनुसार, आईटीआई क्षेत्र में कुछ दुकानों में अवैध रूप से शराब परोसे जाने की भी शिकायतें मिल रही थीं, जिस पर कार्रवाई की गई।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि अतिक्रमण की वजह से रोजाना जाम और अव्यवस्था की स्थिति बनी रहती थी। व्यापारियों ने बताया कि बार-बार चेतावनी के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाया गया, जिसके चलते प्रशासन को सख्त कदम उठाने पड़े।
संख्या / तथ्य
कार्रवाई के दौरान सड़क किनारे बनी दर्जनों दुकानों को हटाया गया और कई ठेले व रेहड़ियां जब्त की गईं। यह अभियान नगर निगम और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम द्वारा चलाया गया।
आगे क्या होगा
मौके पर मौजूद एमएनए परितोष वर्मा और सिटी मजिस्ट्रेट गोपाल चौहान ने अतिक्रमणकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि दोबारा अतिक्रमण करने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शहर को अतिक्रमण मुक्त रखने के लिए आगे भी ऐसे अभियान लगातार जारी रहेंगे।
अन्य स्थानों पर भी कार्रवाई
हाल ही में नैनीताल जिले के रामनगर में भी ग्राम पूछड़ी क्षेत्र में वन भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई थी। पुलिस, प्रशासन और वन विभाग की संयुक्त टीम ने अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया था। हालांकि इस कार्रवाई का स्थानीय लोगों ने विरोध करते हुए उत्पीड़न के आरोप भी लगाए थे।





