
ऋषिकेश (गुमानीवाला): ऋषिकेश से लगी ग्रामसभा गुमानीवाला के वार्ड-14 में हिमालयन पीठ संस्थान के समीप रहने वाले 25 से अधिक परिवार कई वर्षों से पेयजल कनेक्शन के इंतजार में हैं। इन परिवारों को जल संस्थान की ओर से अब तक न तो कनेक्शन दिया गया है और न ही स्वच्छ पानी की कोई वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। मजबूरन ये परिवार बोरवेल से निकल रहे दूषित पानी पर निर्भर हैं, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी सामने आ रही हैं।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
क्षेत्र में जलापूर्ति के लिए नया ओवरहेड टैंक प्रस्तावित है, लेकिन टैंक की भूमि वनभूमि होने के कारण वन विभाग से अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) नहीं मिल सका है। इसी वजह से निर्माण कार्य अटका हुआ है। हालांकि क्षेत्र में पेयजल लाइन बिछाई जा चुकी है, लेकिन टैंक निर्माण न होने से कनेक्शन नहीं दिए जा रहे।
वार्ड सदस्य अशोक थापा ने बताया कि परिवारों ने अपनी जरूरत पूरी करने के लिए बोरवेल लगवाए, लेकिन उससे निकलने वाला पानी कई बार अत्यधिक दूषित होता है। इससे पीने योग्य पानी तक उपलब्ध नहीं हो पाता।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया
जल संस्थान श्यामपुर के अवर अभियंता मनोज डबराल ने बताया कि गुमानीवाला समेत तीन नए ओवरहेड टैंकों का निर्माण प्रस्तावित है, लेकिन वन भूमि की एनओसी लंबित होने से निर्माण नहीं हो पा रहा। उन्होंने कहा कि टैंक बनने के बाद वंचित परिवारों को कनेक्शन दिया जाएगा।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिन परिवारों का कनेक्शन नहीं है, वे वर्तमान में जल संस्थान के उपभोक्ता नहीं हैं, इसलिए विभाग उनके लिए वैकल्पिक जलापूर्ति व्यवस्था करने में असमर्थ है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
जिला पंचायत सदस्य लालमणि रतूड़ी ने कहा कि 25-30 परिवार वर्षों से कनेक्शन के लिए प्रयास कर रहे हैं, लेकिन समाधान नहीं मिल पाया है। उन्होंने जल संस्थान से स्थायी व्यवस्था होने तक मानवीय आधार पर वैकल्पिक पानी उपलब्ध कराने की मांग की।
स्थानीय लोगों का कहना है कि दूषित पानी के कारण बच्चों और महिलाओं की तबीयत भी प्रभावित हो रही है। उन्होंने सरकार से हर घर नल योजना के तहत शीघ्र समाधान की मांग की है।
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