
गौचर: चमोली जिले के गौचर में आयोजित कृषि मेले के दौरान उस समय राजनीतिक माहौल गर्म हो गया, जब कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने, जंगली जानवरों से सुरक्षा और अन्य मांगों को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने से रोक दिया और कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि मंत्री और मुख्यमंत्री की मौजूदगी के चलते सुरक्षा व्यवस्था पहले से ही कड़ी थी, जिससे हालात और संवेदनशील हो गए।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
गौचर में आयोजित कृषि मेला किसानों और स्थानीय लोगों के लिए एक अहम आयोजन माना जाता है। इस बार मेले में केंद्र और राज्य सरकार के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी के चलते प्रशासन सतर्क था। दूसरी ओर, अंकिता भंडारी मामले को लेकर कांग्रेस लगातार सरकार पर सवाल उठाती रही है और विभिन्न मंचों से न्याय की मांग कर रही है।
क्या हुआ गौचर में
कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता शिव गंगा वेडिंग प्वाइंट पर एकत्र हुए और नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन करने लगे। पुलिस ने मौके पर बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक दिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच हल्की धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी, जिसके बाद कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया गया।
आधिकारिक जानकारी
कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुरेश कुमार डिमरी के अनुसार, कार्यकर्ता शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने नहीं दिया।
वहीं प्रशासन की ओर से कहा गया कि कार्यक्रम की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया। अधिकारी टिप्पणी करने से बचते दिखे।
राजनीतिक और मानवीय पक्ष
प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि अंकिता भंडारी को अब तक पूरा न्याय नहीं मिला है और प्रदेश में जंगली जानवरों से लोगों की सुरक्षा एक गंभीर मुद्दा बन चुका है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बड़े आयोजनों के दौरान आम जनता की समस्याएं भी सामने आनी चाहिए और उन पर गंभीरता से सुनवाई होनी चाहिए।
कार्यक्रम में कौन-कौन रहा मौजूद
कृषि मेले में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी पहुंचे थे। दोनों नेताओं की मौजूदगी के कारण पूरे क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।
आगे क्या होगा
पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं के संबंध में आगे की कार्रवाई कानून के अनुसार की जाएगी। वहीं कांग्रेस ने संकेत दिए हैं कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जा सकता है।







