
उत्तरकाशी: भैयादूज के पावन अवसर पर आज मां गंगा की उत्सव डोली अपने शीतकालीन प्रवास स्थल मुखबा गांव में विधिविधान के साथ विराजमान हो गई है। गंगोत्री धाम के कपाट बंद होने के बाद मां गंगा की यह डोली मुखबा में अगले छह महीनों तक विराजेगी।
बीते बुधवार को शीतकाल प्रवास के लिए मां गंगा की डोली गंगोत्री धाम से रवाना होकर मुखबा गांव से लगभग तीन किलोमीटर पहले स्थित चंडेश्वरी मंदिर पहुंची थी, जहां रात्रि विश्राम किया गया।
आज प्रातः समेश्वर देवता की अगुवाई में डोली का भव्य स्वागत हुआ। ग्रामीणों ने धूप, फूल-मालाओं और जयकारों के साथ मां गंगा का मायके में स्वागत किया। अब अगले छह महीनों तक श्रद्धालु मुखबा स्थित गंगा मंदिर में मां गंगा के दर्शन कर सकेंगे।
ग्रामवासियों के अनुसार, परंपरा के अनुसार मां गंगा की डोली के मुखबा आगमन पर पूरे क्षेत्र में धार्मिक उल्लास और श्रद्धा का वातावरण व्याप्त हो गया है। आगामी तीन दिनों तक मां गंगा के निर्वाण दर्शन होंगे, जिसके बाद शीतकालीन पूजा-अर्चना मुखबा में ही संपन्न होती रहेगी।






