
देहरादून: उत्तराखंड में रह रही एकल महिलाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने एकल महिला स्वरोजगार योजना की शुरुआत की है। इस योजना के तहत पात्र एकल महिलाओं को स्वरोजगार शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि योजना के पहले चरण के लाभार्थियों को फरवरी के पहले सप्ताह में धनराशि जारी कर दी जाएगी, जबकि लाभार्थियों की सूची को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
प्रदेश में एकल महिलाओं के सामने रोजगार, आर्थिक आत्मनिर्भरता और सामाजिक सुरक्षा की चुनौतियां लंबे समय से रही हैं। इन्हीं जरूरतों को ध्यान में रखते हुए महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग ने यह योजना शुरू की है, ताकि एकल महिलाएं स्वरोजगार के जरिए अपनी आजीविका मजबूत कर सकें।
विभागीय समीक्षा बैठक में योजनाओं पर चर्चा
सोमवार को सचिवालय में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या की अध्यक्षता में विभागीय योजनाओं की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में नंदा गौरा योजना, एकल महिला स्वरोजगार योजना और आंगनबाड़ी कल्याण कोष से जुड़ी प्रगति की समीक्षा की गई।
नंदा गौरा योजना की स्थिति
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि नंदा गौरा योजना के तहत 11 जिलों के लाभार्थियों की अंतिम सूची तैयार कर ली गई है। इनमें 34,852 इंटरमीडिएट उत्तीर्ण छात्राएं और 6,021 नवजात बालिकाएं शामिल हैं। इन सभी को फरवरी के पहले सप्ताह में आयोजित कार्यक्रम के माध्यम से धनराशि वितरित की जाएगी। शेष दो जिलों की सूची को भी जल्द अंतिम रूप देने के निर्देश दिए गए हैं।
एकल महिला स्वरोजगार योजना के लाभार्थी
एकल महिला स्वरोजगार योजना के अंतर्गत अब तक 504 पात्र महिलाओं की सूची फाइनल कर ली गई है। इन सभी को फरवरी के पहले सप्ताह में आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। वहीं, बचे हुए दो जिलों की 331 पात्र महिलाओं की सूची को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया जारी है, जिसे शीघ्र पूरा किया जाएगा।
आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के लिए राहत
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि आंगनबाड़ी कल्याण कोष के तहत सेवा निवृत्ति के समय आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को 1 अप्रैल से एक लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। मंत्री ने संकेत दिए कि आगामी वित्तीय वर्ष में इस राशि को और बढ़ाने की तैयारी की जा रही है।
वृद्ध महिलाओं के लिए नई योजना की तैयारी
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि प्रदेश की वृद्ध महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक, चिकित्सीय और भावनात्मक संबल देने के उद्देश्य से एक नई योजना तैयार की जा रही है। इसके लिए गांव-गांव जाकर वृद्ध महिलाओं का सर्वे कराया जाएगा। जरूरतमंद महिलाओं की राय और आवश्यकताओं के आधार पर ही योजना का अंतिम स्वरूप तय किया जाएगा।
आगे क्या होगा
फरवरी के पहले सप्ताह में विभिन्न योजनाओं के तहत धनराशि वितरण की प्रक्रिया शुरू होगी। इसके साथ ही शेष जिलों के लाभार्थियों की सूची को अंतिम रूप देकर उन्हें भी योजनाओं से जोड़ा जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि महिला सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं का लाभ पात्र महिलाओं तक समय पर पहुंचे।







