
देहरादून: दून मेडिकल कॉलेज में सामने आई रैगिंग की घटनाओं के बाद चिकित्सा शिक्षा विभाग के निदेशक डॉ. अजय आर्या ने कॉलेज पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने रैगिंग पीड़ित छात्रों से बातचीत कर उन्हें सुरक्षा का आश्वासन दिया और कॉलेज के अन्य छात्रों से भी संवाद किया। निरीक्षण के दौरान निदेशक ने रैगिंग की घटनाओं पर कड़ी नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाई और निगरानी तंत्र मजबूत करने के निर्देश दिए।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
दून मेडिकल कॉलेज में हाल के दिनों में रैगिंग की शिकायतें सामने आई थीं, जिसके बाद छात्रों और अभिभावकों में चिंता बढ़ गई थी। चिकित्सा संस्थानों में रैगिंग को रोकने के लिए एंटी रैगिंग कमेटी और सख्त दिशानिर्देश लागू हैं, लेकिन घटनाओं के सामने आने पर व्यवस्थाओं की समीक्षा आवश्यक हो जाती है।
पीड़ित छात्रों से संवाद
निरीक्षण के दौरान निदेशक डॉ. अजय आर्या ने सबसे पहले रैगिंग से प्रभावित छात्रों से मुलाकात की। उन्होंने छात्रों की बात सुनी, उनका मनोबल बढ़ाया और भरोसा दिलाया कि भविष्य में उनकी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
जूनियर और सीनियर छात्रों के साथ बैठक
इसके बाद निदेशक ने जूनियर और सीनियर छात्रों के साथ सामूहिक संवाद किया। उन्होंने छात्रों से उनकी समस्याएं और सुझाव पूछे तथा स्पष्ट किया कि रैगिंग किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अधिकारियों पर नाराजगी
रैगिंग की घटनाओं को लेकर निदेशक कॉलेज प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से खफा नजर आए। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं संस्थान की छवि को नुकसान पहुंचाती हैं और इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
निगरानी और एंटी रैगिंग व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश
निदेशक ने एंटी रैगिंग स्क्वाड की क्षमता बढ़ाने और निगरानी तंत्र को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने हॉस्टल वार्डन को प्रतिदिन हॉस्टलों का दौरा करने को कहा और छात्रों को दी जा रही सुविधाओं की भी जानकारी ली।
फोन नंबर चस्पा और शिकायत पेटिका लगाने के आदेश
डॉ. अजय आर्या ने निर्देश दिए कि एंटी रैगिंग कमेटी के सभी सदस्यों के फोन नंबर कॉलेज और अस्पताल परिसर में स्पष्ट रूप से चस्पा किए जाएं, ताकि किसी भी समस्या की स्थिति में छात्र सीधे संपर्क कर सकें। इसके अलावा एक शिकायत पेटिका लगाने और एंटी रैगिंग कमेटी को हर सप्ताह शिकायतों की समीक्षा करने के निर्देश भी दिए गए।
आगे क्या होगा
कॉलेज प्रशासन को निर्देशों के अनुपालन की रिपोर्ट चिकित्सा शिक्षा विभाग को देनी होगी। साथ ही एंटी रैगिंग तंत्र की नियमित समीक्षा कर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।






