
देहरादून: राजकीय दून मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में रविवार देर रात करीब 2 बजे छात्र-छात्राओं ने तेज आवाज में गाने बजाकर पार्टी की, जिसका विरोध करने पर दो पक्षों में तीखा विवाद हो गया। सूचना पर पहुंची शहर कोतवाली पुलिस ने मौके पर मामला शांत कराया और सोमवार सुबह छात्रों को कोतवाली बुलाकर कड़ी हिदायत दी। मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने घटना की जांच के लिए पांच सदस्यीय कमेटी गठित की है। इस दौरान एक चिकित्सक का कॉलर पकड़े जाने की घटना पर चिकित्सकों ने सोमवार को काली पट्टी बांधकर विरोध जताने का फैसला किया है।
घटना का विवरण: पार्टी और विवाद
जानकारी के अनुसार, दून मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में कुछ छात्र-छात्राएं देर रात तेज आवाज में गाने बजाकर पार्टी कर रहे थे। पास की परीक्षाओं के कारण पढ़ाई में व्यस्त अन्य छात्रों ने इसका विरोध किया और गाने बंद करने को कहा। इस बात पर दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हुई, जो जल्द ही तीखे विवाद में बदल गई।
मामला बढ़ता देख मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने कर्मचारियों को मौके पर भेजा और पुलिस को सूचना दी। एक वायरल वीडियो में कुछ छात्र अर्धनग्न अवस्था में नाचते दिख रहे हैं, हालांकि इसकी पुष्टि नहीं की गई है।
पुलिस की कार्रवाई: कोतवाली में हिदायत
शहर कोतवाल प्रदीप पंत ने बताया कि झगड़े में शामिल सभी छात्रों को सोमवार सुबह कोतवाली बुलाया गया और कड़ी हिदायत दी गई। उन्हें ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न करने की चेतावनी दी गई। कोतवाल ने कहा, “ऐसी अराजकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को भी छात्रों में अनुशासन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।”
प्रबंधन की प्रतिक्रिया: जांच कमेटी गठित
मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. गीता जैन ने घटना की जांच के लिए प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नंदन सिंह बिष्ट की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय कमेटी गठित की है। कमेटी हॉस्टल में बाहरी लोगों के प्रवेश और सुरक्षाकर्मियों की भूमिका की भी जांच करेगी। डॉ. जैन ने कहा, “घटना की जांच की जा रही है। बाहरी लोगों के प्रवेश पर सवाल उठे हैं, और सुरक्षाकर्मियों से जवाब मांगा गया है। दोषियों पर कार्रवाई होगी।”
चिकित्सकों का विरोध: काली पट्टी प्रदर्शन
घटना के दौरान एक चिकित्सक का कॉलर पकड़े जाने की घटना को अस्पताल प्रबंधन ने शर्मनाक बताया। इसके विरोध में सोमवार को सभी चिकित्सक काली पट्टी बांधकर ओपीडी में मरीजों को देखेंगे। प्रबंधन ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की और छात्रों से अनुशासन बनाए रखने की अपील की।
सामाजिक चिंता और सुझाव
यह घटना मेडिकल कॉलेजों में अनुशासन और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि देर रात हॉस्टल में ऐसी गतिविधियां छात्रों की पढ़ाई और संस्थान की प्रतिष्ठा को प्रभावित करती हैं। प्रबंधन से मांग की गई है कि हॉस्टल में सख्त नियम लागू किए जाएं और सुरक्षाकर्मियों की जवाबदेही तय हो।
पुलिस और प्रबंधन ने छात्रों व अभिभावकों से अपील की है कि ऐसी घटनाओं से बचें और विवाद होने पर शांतिपूर्ण समाधान निकालें। जांच कमेटी की रिपोर्ट के बाद दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।




