
डोईवाला: डोईवाला क्षेत्र में जंगली जानवरों के हमले की एक गंभीर घटना सामने आई है। थानो वन रेंज के अंतर्गत ग्राम पंचायत गडुल के केमट गांव में जंगल में घास लेने गई एक महिला पर दो भालुओं ने अचानक हमला कर दिया। हमले में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घायल महिला को तत्काल हिमालयन हॉस्पिटल जौलीग्रांट में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार जारी है। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है और वन विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
पर्वतीय और आसपास के क्षेत्रों में जंगली जानवरों के हमलों की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। हालांकि डोईवाला क्षेत्र में यह पहला मामला बताया जा रहा है, जब भालू ने किसी महिला पर हमला किया हो। इससे पहले हाथी और गुलदार के हमलों की घटनाएं सामने आती रही हैं, लेकिन अब भालू का हमला चिंता बढ़ाने वाला माना जा रहा है।
आधिकारिक जानकारी
वन बीट अधिकारी विकास घिल्डियाल ने बताया कि केमट गांव में जंगल में घास लेने गई महिला पर दो भालुओं ने अचानक हमला कर दिया। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने ग्राम प्रधान की मदद से महिला को गंभीर अवस्था में अस्पताल पहुंचाया। वन रेंज अधिकारी नत्थीलाल डोभाल ने बताया कि जंगली जानवरों से बचाव के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं और लोगों से जंगल में जाने से बचने की अपील की गई है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय निवासी सुधीर जोशी ने बताया कि घायल महिला की पहचान 45 वर्षीय सुशीला पत्नी रघुवीर सिंह भंडारी के रूप में हुई है। उन्होंने कहा कि पहले इस क्षेत्र में हाथी और गुलदार के हमलों की घटनाएं सामने आती थीं, लेकिन अब भालू के हमले ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मैदान से सटे इलाकों में भालू का हमला पहली बार हुआ है।
क्यों बढ़ रहे हैं हमले
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार जंगली जानवरों के गांवों की ओर बढ़ने के पीछे कई कारण हैं। जंगलों में भोजन की कमी या उसके पैटर्न में बदलाव, मानव गतिविधियों के कारण प्राकृतिक आवास का सिकुड़ना, गांवों के आसपास कचरे और पशुधन की उपलब्धता, भालू और गुलदार का प्रजनन काल जिसमें वे अधिक आक्रामक हो जाते हैं, मौसम के पैटर्न में बदलाव और सड़कों व हेलीकॉप्टर गतिविधियों से होने वाला शोर भी वन्यजीवों को विचलित कर रहा है।
आगे क्या होगा
वन विभाग ने क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने और ग्रामीणों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। घायल महिला के स्वास्थ्य पर नजर रखी जा रही है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए अतिरिक्त कदम उठाने की बात कही गई है।







