
डोईवाला (देहरादून): भानियावाला–नुन्नावाला क्षेत्र में डोईवाला-हरिद्वार हाइवे पर मंगलवार सुबह करीब छह बजे एक ओवरलोडेड गन्ने से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली और यात्रियों की बस की जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस चालक दोनों वाहनों के बीच बुरी तरह फंस गया। सूचना मिलते ही एसडीआरएफ और पुलिस मौके पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान चलाकर घायल चालक को बाहर निकालकर अस्पताल भेजा।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
डोईवाला-हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग पर भारी वाहनों और ओवरलोडेड ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की आवाजाही लंबे समय से स्थानीय लोगों के लिए चिंता का विषय रही है। ग्रामीणों का कहना है कि गन्ने से भरी ट्रॉलियाँ अक्सर सड़क पर अनियंत्रित चलती हैं और कई बार दुर्घटनाओं का कारण बन चुकी हैं। आज की घटना ने इस मुद्दे को एक बार फिर गंभीरता से उठाने की जरूरत को सामने रखा है।
औपचारिक जानकारी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हरिद्वार की ओर से आ रही ओवरलोडेड गन्ना ट्रॉली अचानक अनियंत्रित होकर सामने से आ रही यात्रियों की बस से टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि बस का आगे का हिस्सा पूरी तरह दब गया और चालक के लिए बाहर निकलना नामुमकिन हो गया।
सूचना मिलते ही एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। टीम ने कटर मशीनों की मदद से बस के क्षतिग्रस्त हिस्से को काटकर चालक को बाहर निकाला। घायल चालक की हालत गंभीर बताई जा रही है और उसे स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
डोईवाला पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर यातायात नियंत्रित किया और वाहनों को सड़क किनारे कराया। हादसे के कारण हाइवे पर कुछ समय तक जाम की स्थिति भी बनी रही।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों ने बताया कि हाईवे पर गन्ने से भरी ओवरलोडेड ट्रॉलियों का बेपरवाह संचालन दुर्घटनाओं का मुख्य कारण बनता जा रहा है। कई ग्रामीणों ने कहा कि प्रशासन को ऐसी ट्रॉलियों की नियमित जांच करनी चाहिए, क्योंकि इनमें न तो सुरक्षा उपकरण होते हैं और न ही ये निर्धारित गति सीमा का पालन करती हैं। एक स्थानीय निवासी ने कहा कि “यदि समय रहते निगरानी बढ़ाई जाए तो इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकता है।”
आगे क्या?
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि ओवरलोडेड वाहनों पर सख्त कार्रवाई हो और हाईवे पर नियमित निगरानी बढ़ाई जाए। पुलिस ने ट्रैक्टर-ट्रॉली चालक के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। एसडीआरएफ और पुलिस दोनों ने कहा कि घटना की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर संबंधित विभागों को भेजी जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोका जा सके।






