
डोईवाला — विधानसभा क्षेत्र के दूरस्थ पहाड़ी इलाके इठारना मंदिर प्रांगण में आयोजित बहुउद्देशीय शिविर में जिलाधिकारी सविन बंसल ने ग्रामीणों की करीब 200 से अधिक शिकायतें सुनीं। जनसुनवाई के दौरान अतिक्रमण हटाने, क्षतिग्रस्त सड़कों, राजस्व विवाद और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़ी समस्याएं प्रमुख रूप से सामने आईं।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
डोईवाला विधानसभा के ग्रामीण और पर्वतीय हिस्सों में लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं, सड़क सुधार, राजस्व सीमांकन और आवासीय समस्याओं से जुड़ी शिकायतें उठती रही हैं। दूरस्थ क्षेत्र होने के कारण कई बार लोग प्रशासन तक अपनी बात पहुंचाने में सक्षम नहीं हो पाते। ऐसे बहुउद्देशीय शिविर ग्रामीणों और अधिकारियों के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का एक प्रभावी माध्यम बनते हैं।
अधिकारियों की जानकारी
शिविर के दौरान रानीपोखरी पंचायत के लोगों ने ग्राम सभा और जाखन नदी की भूमि पर हो रहे अतिक्रमण को हटाने की मांग रखी। इस पर जिलाधिकारी सविन बंसल ने बताया कि इस संबंध में पहले ही 122 बी के तहत तहसीलदार द्वारा आदेश दिए जा चुके हैं और 15 दिनों के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश फिर से जारी किए गए हैं।
ग्राम प्रधान गडूल स्वीटी रावत ने भोगपुर–इठारना मार्ग के कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त होने की समस्या रखी। ग्रामीण प्रेम सिंह ने बताया कि उद्यान विभाग ने उनके द्वारा पैसा जमा कराए जाने के बावजूद पॉलीहाउस नहीं स्थापित किया। राकेश उनियाल ने खसरा नंबर में त्रुटि की शिकायत रखी, जबकि दिगंबर सिंह और कमल सिंह ने राजस्व व वन भूमि के बीच अपनी भूमि चिह्नीकरण से जुड़ी समस्या रखी। ग्राम प्रधान सुधीर रतूड़ी ने निराश्रित पशुओं से नुकसान की बात कही। बड़ोवाला के प्रधान भारत नेगी ने पंचायत भवन न होने की मांग जिलाधिकारी के सामने रखी।
जिलाधिकारी ने मृत पशुओं के निस्तारण के लिए भूमि चिह्नित करने के निर्देश राजस्व विभाग को दिए और कई विभागों को तत्परता से समस्याएं निपटाने के निर्देश भी जारी किए।
स्थानीय प्रतिक्रिया
ग्रामीणों ने बताया कि इठारना और आसपास के इलाकों में कई समस्याएं लंबे समय से लंबित हैं और शिविर के माध्यम से अधिकारी पहली बार व्यापक रूप से मौके पर पहुंचे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क, राजस्व और पशु संबंधी मुद्दों के समाधान की दिशा में ठोस कार्रवाई की उम्मीद बढ़ी है।
शिविर में हुए महत्वपूर्ण कार्य
बहुउद्देशीय शिविर में 35 से अधिक विभागों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इस दौरान 50 आधार कार्ड बनाए गए, 64 छात्र-छात्राओं की रोजगार संबंधी काउंसलिंग की गई, दो जन्म–मृत्यु प्रमाणपत्र जारी किए गए और दो दिव्यांग प्रमाणपत्र तैयार किए गए। शिविर में 33 आयुष्मान कार्ड बनाए गए और 180 से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई। गैस कनेक्शन के लिए 11 आवेदन प्राप्त हुए, जबकि राशन कार्ड हेतु छह लोगों ने आवेदन किए। महालक्ष्मी किट के दो वितरण, किशोरी किट के दस वितरण और तीन लाभार्थियों को कृषि उपकरण दिए गए। कृषि से संबंधित 1.65 लाख रुपये की अनुदान राशि वितरित की गई और तीन लोगों को मौके पर ही पेंशन स्वीकृत की गई। समाज कल्याण विभाग ने 46 लाभार्थियों को 132 सहायक उपकरण, जबकि पशुपालन विभाग ने 30 लोगों को औषधि वितरित की।
विशेष पहल: सामाजिक संदेश को बढ़ावा
गडूल पंचायत में ग्राम पंचायत द्वारा शादी–समारोहों में कॉकटेल या शराब पार्टी न देने की अपील पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली। हाल ही में ज्ञान सिंह बिष्ट के परिवार में बिना कॉकटेल पार्टी के विवाह संपन्न हुआ, जिसके लिए जिले के डीएम ने उन्हें 51 हजार रुपये का पुरस्कार प्रदान किया। यह राशि ग्राम पंचायत की ओर से दी जानी है, जिससे समाज में नशा-मुक्ति के संदेश को बढ़ावा मिलेगा।
आगे क्या?
जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागों को निर्देश दिए हैं कि शिविर में उठाई गई समस्याओं पर तय समयसीमा में कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि इस तरह के शिविर नियमित अंतराल पर आयोजित हों, तो दूरस्थ पहाड़ी क्षेत्रों की समस्याओं का समाधान तेजी से हो सकता है।






