
हरिद्वार: धर्मनगरी हरिद्वार में दीपावली के तिथि को लेकर बनी असमंजस की स्थिति को ज्योतिषियों और पुरोहितों ने स्पष्ट कर दिया है। हर साल हिंदू व्रत, पर्व और त्योहारों को लेकर तिथियों के कारण होने वाले भ्रम इस बार भी दीपावली को लेकर सामने आए। इस बार 21 अक्टूबर 2025 को अमावस्या और प्रतिपदा युक्त दीपावली मनाई जाएगी।
ज्योतिषीय आधार: प्रतिपदा युक्त दीपावली
भारतीय प्राच विद्या सोसायटी के ज्योतिषाचार्य प्रतीक मिश्रपुरी ने बताया कि जब प्रतिपदा का मान अमावस्या और चतुर्दशी से अधिक होता है, तब दीपावली अमावस्या और प्रतिपदा युक्त होती है। इस बार अमावस्या का मान 26 घंटे 10 मिनट, प्रतिपदा 26 घंटे 20 मिनट, और चतुर्दशी 25 घंटे 53 मिनट है। इसलिए, 21 अक्टूबर को प्रतिपदा युक्त अमावस्या में दीपावली मनाई जाएगी। उन्होंने कहा, “ऐसा संयोग 62 वर्षों में कभी-कभी आता है, जैसा कि 1962 और 1963 में देखा गया था।”
शुभ मुहूर्त और पूजन का समय
ज्योतिषाचार्य प्रतीक मिश्रपुरी के अनुसार, 21 अक्टूबर 2025 को दीपावली पूजन सूर्यास्त (शाम 5:40 बजे) के बाद 2 घंटे 24 मिनट तक किया जा सकता है। इस दौरान:
- शाम 7:15 बजे से रात 8:30 बजे तक की लाभ चौघड़िया में लक्ष्मी पूजन करना विशेष शुभ रहेगा।
- गृहस्थ लोग इस समय में पूजन करें, जबकि तंत्र साधक (कापालिक, वाममार्गी) अपने गुरु द्वारा बताई गई तिथि में तंत्र पूजा करेंगे।
पंचांग और शास्त्रों का समर्थन
तीर्थ पुरोहित उज्जवल पंडित ने बताया कि शास्त्रों के अनुसार, संशय की स्थिति में 21 अक्टूबर को ही दीपावली मनाना उचित है। धर्मसिन्धु, निर्णय सिन्धु, और श्री गंगा सभा पंचांग भी इस तिथि की पुष्टि करते हैं। उन्होंने कहा, “सूर्यास्त से आधा घंटा पहले और सूर्यास्त के बाद 2 घंटे 24 मिनट तक की अवधि में निसंदेह लक्ष्मी पूजन किया जा सकता है।”
ऐतिहासिक संदर्भ: पहले भी बनी ऐसी स्थिति
प्रतीक मिश्रपुरी ने बताया कि दीपावली की तिथि को लेकर असमंजस पहले भी देखा गया है:
- 1962 और 1963: इन वर्षों में तिथियों के कारण भ्रम हुआ था। 1963 में दीपावली 17 अक्टूबर को मनाई गई, लेकिन अधिक मास के कारण भाईदूज एक महीने बाद मनाया गया।
- 1900 (23 अक्टूबर) और 1901 (11 नवंबर): इन वर्षों में भी दीपावली के दिन रात में अमावस्या नहीं थी।
इसका कारण तिथियों का मान है। जब प्रतिपदा का मान अधिक होता है, तो दीपावली प्रतिपदा युक्त होती है, जैसा कि इस बार हो रहा है।
21 अक्टूबर को मनाएं दीपावली
हरिद्वार के ज्योतिषियों और पुरोहितों ने स्पष्ट किया कि 21 अक्टूबर 2025 को दीपावली मनाना शास्त्रसम्मत और शुभ है। यह तिथि भक्तों को लक्ष्मी पूजन और दीपोत्सव के लिए उचित समय प्रदान करेगी। धर्मनगरी के विद्वानों ने लोगों से अपील की है कि वे भ्रम से बचें और शास्त्रों के अनुसार पूजन करें। यह दीपावली समृद्धि, सुख और शांति का संदेश लेकर आएगी।







