
देहरादून: पूर्व विधायक प्रणव सिंह चैंपियन के बेटे दिव्य प्रताप सिंह बुधवार को देहरादून पुलिस के सामने पेश नहीं हुए। उन्हें राजपुर थाना क्षेत्र में हुई मारपीट और लाइसेंसी हथियार दिखाकर धमकाने के मामले में नोटिस जारी कर तीन दिनों के भीतर पूछताछ के लिए बुलाया गया था। निर्धारित समय बीतने के बावजूद वे उपस्थित नहीं हुए। पुलिस का कहना है कि वह संभवतः आज पूछताछ में शामिल हो सकते हैं।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
राजपुर क्षेत्र में पूर्व मुख्य सचिव के बेटे आर. यशोर्धन के साथ मारपीट और लाइसेंसी हथियार दिखाकर धमकाने का मामला इन दिनों चर्चा में है। घटना की सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद पुलिस ने दिव्य प्रताप सिंह को पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया था।
अधिकारिक जानकारी
नोटिस सोमवार को जारी किया गया था, जिसमें उन्हें तीन दिन के भीतर थाने में पेश होकर अपना पक्ष रखने को कहा गया था। लेकिन बुधवार को वे पुलिस के समक्ष उपस्थित नहीं हुए।
जांच अधिकारी ने बताया कि दिव्य प्रताप से पूछताछ के लिए विस्तृत प्रश्नों की सूची तैयार कर ली गई है। ये प्रश्न मुख्य रूप से सीसीटीवी फुटेज में दिख रहे घटनाक्रम और हथियार दिखाकर धमकाने के आरोपों से जुड़े हैं।
पुलिस लाइसेंसी हथियार दिखाने, पीड़ित को डराने और मुकदमे में जोड़ी गई धाराओं के संबंध में भी विस्तृत बयान दर्ज करेगी।
स्थानीय प्रतिक्रिया / मानवीय पहलू
घटना के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कानून सभी पर समान रूप से लागू होना चाहिए और जांच निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़नी चाहिए।
प्रशासनिक कार्रवाई – शस्त्र लाइसेंस निलंबित
घटना की गंभीरता को देखते हुए हरिद्वार जिला मजिस्ट्रेट ने दिव्य प्रताप सिंह के तीन शस्त्र लाइसेंसों को निलंबित कर दिया है। इनमें दो रिवॉल्वर और एक बंदूक का लाइसेंस शामिल है।
डीएम ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर 15 दिनों के भीतर जवाब देने को कहा है कि क्यों न उनके लाइसेंस स्थायी रूप से निरस्त कर दिए जाएं।
आगे क्या
पुलिस पूछताछ के लिए दिव्य प्रताप के पेश होने का इंतजार कर रही है। उनके बयान दर्ज होने के बाद ही विवेचना आगे बढ़ेगी। प्रशासनिक स्तर पर भी शस्त्र लाइसेंस की पुनर्विचार प्रक्रिया जारी रहेगी।







