
देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में कुल 12 प्रस्तावों पर मुहर लगी, जिनमें सबसे अहम फैसला उपनल कर्मियों को न्यूनतम वेतनमान और डीए देने के लिए सब कमेटी गठन से जुड़ा रहा। इसके अलावा आपदा पीड़ितों को राहत राशि बढ़ाने, देवभूमि परिवार योजना लागू करने और कारागार विभाग में आईटी विंग गठन जैसे प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
पिछले कुछ महीनों से उपनल कर्मी अपने न्यूनतम वेतनमान और डीए (Dearness Allowance) की मांग को लेकर आंदोलनरत हैं। सरकार ने इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए कैबिनेट बैठक में सब कमेटी गठन का निर्णय लिया है। इस कमेटी को दो महीने के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का समय दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री को समिति के गठन का अधिकार दिया गया है। माना जा रहा है कि समिति जल्द ही उपनल कर्मियों की वेतन संरचना और लाभों को लेकर ठोस प्रस्ताव तैयार करेगी।
धामी मंत्रिमंडल के प्रमुख निर्णय
- उपनल कर्मियों के लिए राहत:
- उपनल कर्मियों के मिनिमम पे स्केल और डीए तय करने के लिए सब कमेटी का गठन।
- उपनल के ऑब्जेक्टिव और आर्टिकल ऑफ एसोसिएशन में भी बदलाव को मंजूरी।
- आपदा पीड़ितों को राहत:
- उत्तरकाशी और अन्य जिलों में आई आपदा से प्रभावित परिवारों को दी जाने वाली सहायता राशि बढ़ाई गई।
- मृतकों के परिजनों को एसडीआरएफ मद से अब 4 लाख के बजाय 5 लाख रुपए दिए जाएंगे।
- पक्के मकानों की सहायता राशि पर्वतीय और मैदानी दोनों क्षेत्रों में बढ़ाकर 5 लाख रुपए की गई।
- कच्चे मकानों के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से 1 लाख रुपए अतिरिक्त सहायता।
- देवभूमि परिवार योजना:
- उत्तराखंड के सभी परिवारों को यूनिक फैमिली आईडी (Family ID) देने हेतु योजना को मंजूरी।
- इसके जरिए राज्य की सभी सरकारी योजनाओं को परिवार आईडी से जोड़ा जाएगा ताकि पारदर्शिता और लक्षित लाभ सुनिश्चित किया जा सके।
- कारागार विभाग में आईटी विंग का गठन:
- उत्तराखंड कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवा विभाग के तहत सूचना प्रौद्योगिकी विंग (IT Wing) के गठन को मंजूरी।
- दो कंप्यूटर प्रोग्रामर और दो कंप्यूटर सहायक के पद सृजित किए जाएंगे।
- टेंडर प्रक्रिया में नया विकल्प:
- अब टेंडर प्रक्रिया में बैंक गारंटी या एफडीआर के साथ-साथ इंश्योरेंस सिक्योरिटी फॉर्म को भी मान्य विकल्प के रूप में शामिल किया गया।
- बागवानी मिशन योजना:
- केंद्र पोषित बागवानी मिशन योजना के तहत 40% राज्यांश का भुगतान राज्य सरकार की ओर से किया जाएगा।
- अन्य प्रशासनिक निर्णय:
- राजकोषीय नियोजन एवं संसाधन निदेशालय के ढांचे में संशोधन की मंजूरी।
- आउटसोर्सिंग के जरिए एक अतिरिक्त चालक की नियुक्ति को सहमति।
- दैनिक वेतनभोगी, संविदा, अंशकालिक और तदर्थ कर्मियों के विनियमितिकरण संशोधन नियमावली 2025 को मंजूरी।
- स्थानीय निकायों में लोक स्वास्थ्य नीतियों के लिए पीएमयू (Project Management Unit) के गठन की मंजूरी।
- पीएमयू का उद्देश्य — नगर स्वास्थ्य अधिकारी के कार्यों की मॉनिटरिंग, स्वास्थ्य योजनाओं की निगरानी और मानव संसाधन का प्रशिक्षण सुनिश्चित करना रहेगा।
- उत्तराखंड विधानसभा विशेष सत्र के सत्रावसान को भी कैबिनेट की मंजूरी मिली।
सरकार का पक्ष
कैबिनेट के फैसलों के बाद मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार कर्मचारियों और आम जनता दोनों के हित में संवेदनशील है। सरकार की कोशिश है कि हर निर्णय का लाभ सीधे लोगों तक पहुंचे और विकास कार्यों में पारदर्शिता बनी रहे।







