
देहरादून: उत्तराखंड की राजनीति में लंबे इंतजार के बाद आखिरकार बड़ा फैसला सामने आ गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार में कैबिनेट विस्तार करते हुए पांच नए मंत्रियों को शामिल किया गया।
नवरात्र के शुभ अवसर पर आयोजित समारोह में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) ने लोकभवन में सभी नए मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
इन नेताओं ने ली मंत्री पद की शपथ
कैबिनेट में शामिल होने वाले नए चेहरों में खजान दास, भरत सिंह चौधरी, मदन कौशिक, प्रदीप बत्रा और राम सिंह केड़ा शामिल हैं।
शपथ ग्रहण के दौरान भरत सिंह चौधरी ने संस्कृत में शपथ लेकर समारोह को खास बना दिया।
लंबे समय से चल रही थी चर्चा, अब लगा विराम
प्रदेश में कैबिनेट विस्तार को लेकर काफी समय से अटकलें चल रही थीं। आखिरकार इन चर्चाओं पर विराम लगाते हुए सरकार ने पांच खाली पदों को भर दिया।
बताया जा रहा है कि मंत्रियों का चयन विधायकों के पिछले चार साल के कार्य प्रदर्शन के आधार पर किया गया है, जिसमें संगठन और सरकार दोनों की सहमति शामिल रही।
क्षेत्रीय और जातीय संतुलन पर खास फोकस
नई कैबिनेट में संतुलन को प्राथमिकता दी गई है।
मैदान और पहाड़ दोनों क्षेत्रों को प्रतिनिधित्व देने के साथ-साथ जातीय समीकरण का भी ध्यान रखा गया है।
हरिद्वार जिले को पहली बार दो कैबिनेट मंत्री मिलने से क्षेत्रीय संतुलन का संदेश साफ तौर पर दिखाई देता है।
पहली बार मंत्री बने तीन विधायक
नई टीम में तीन विधायक ऐसे हैं जो पहली बार कैबिनेट मंत्री बने हैं, जबकि दो अनुभवी नेताओं को दोबारा मौका दिया गया है। इससे सरकार ने अनुभव और नए चेहरों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
राजनीतिक हलकों में इस कैबिनेट विस्तार को संतुलित और रणनीतिक कदम माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आगामी चुनावी समीकरणों को देखते हुए यह फैसला सरकार के लिए अहम साबित हो सकता है।







