
देहरादून — दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। बीते रविवार आधी रात एक्सप्रेसवे के 32 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड हिस्से को ट्रायल के लिए खोल दिया गया। इसके खुलते ही खेकड़ा में ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से लेकर दिल्ली के अक्षरधाम तक वाहन चलने लगे। इस चरण के शुरू होने से बागपत से दिल्ली की 32 किमी दूरी अब केवल 20 मिनट में तय की जा सकेगी।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे देश के सबसे महत्वपूर्ण हाई-स्पीड कॉरिडोर में से एक है, जो दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच तेज, सुरक्षित और सुगम यात्रा प्रदान करेगा। 210 किमी लंबा यह एक्सप्रेसवे पूरा होने पर दिल्ली से देहरादून की दूरी महज ढाई घंटे में पूरी की जा सकेगी, जबकि वर्तमान समय लगभग छह घंटे का है।
एलिवेटेड रोड का ट्रायल शुरू
अक्षरधाम से खेकड़ा तक के एलिवेटेड हिस्से का निर्माण 1323 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। निर्माण कार्य की समय सीमा पहले दिसंबर 2023 तय की गई थी, जो बाद में दिसंबर 2024 में पूरी की गई, लेकिन सड़क आधिकारिक रूप से नहीं खोली जा सकी। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और एनएचएआई अधिकारियों ने तीन बार ट्रायल किया था, जिसके बाद लोगों को इसके खुलने का इंतजार था। यह इंतजार बीते रविवार रात खत्म हो गया जब गीता कॉलोनी और खेकड़ा के पास से पत्थर हटाकर इस हिस्से को चालू कर दिया गया।
सोमवार सुबह से ही इस मार्ग पर गाड़ियों की आवाजाही शुरू हो गई और लोगों ने तेज रफ्तार व बिना रुकावट के सफर का अनुभव किया।
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सहारनपुर तक का हिस्सा फरवरी में खुलने की उम्मीद
खेकड़ा से सहारनपुर तक का हिस्सा लगभग तैयार है। इस खंड को दिसंबर 2025 तक खोलने का लक्ष्य था, लेकिन इंटरचेंज और फ्लाईओवर निर्माण के कारण काम अधूरा है। उम्मीद है कि अगले दो महीनों में यह भाग पूरा हो जाएगा और फरवरी 2026 में वाहनों के लिए खोला जा सकेगा।
अगले एक महीने तक टोल फ्री यात्रा
एनएचएआई ने बताया है कि ट्रायल अवधि के दौरान अगले एक महीने तक इस 32 किमी हिस्से पर कोई टोल नहीं लिया जाएगा। इससे दिल्ली, गाजियाबाद और नोएडा की ओर जाने वाले वाहनों का दबाव पुराने मार्गों से कम होगा और जाम की समस्याओं में भी कमी आएगी।
एक्सप्रेसवे की कुल प्रगति: चार चरणों की वर्तमान स्थिति
पूरे 210 किमी एक्सप्रेसवे का निर्माण चार चरणों में चल रहा है। पहला चरण अक्षरधाम से बागपत तक है, जहां ट्रायल शुरू हो चुका है। दूसरा चरण बागपत से सहारनपुर तक लगभग पूरा है और फरवरी में खुलने की उम्मीद है। तीसरे चरण में सहारनपुर बाइपास से गणेशपुर तक काम तेजी से चल रहा है। चौथे और अंतिम चरण में गणेशपुर से देहरादून तक की सड़क का सेफ्टी ऑडिट जारी है। एनएचएआई ने पूरे प्रोजेक्ट को फरवरी 2026 तक खोलने का लक्ष्य तय किया है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
बागपत और आसपास के क्षेत्रों में लोगों ने तेज रफ्तार, सुगम यात्रा और जाम से राहत मिलने पर खुशी जताई है। व्यापारियों का कहना है कि एक्सप्रेसवे के शुरू होने से दिल्ली और पश्चिमी यूपी के बीच व्यापार और आवागमन में काफी सुधार होगा।
आगे क्या?
एनएचएआई अगले कुछ हफ्तों में ट्रायल की रिपोर्ट के आधार पर सड़क पर आवश्यक सुधार करेगा। फरवरी 2026 तक पूरे एक्सप्रेसवे को चालू करने का लक्ष्य रखा गया है ताकि दिल्ली–देहरादून के बीच तेज, सुरक्षित और आधुनिक यात्रा की सुविधा मिल सके।





