
देहरादून: उत्तराखंड में सुबह-शाम की ठंड और दिन की गर्मी के बीच तापमान में उतार-चढ़ाव से वायरल इंफेक्शन के मामले बढ़ गए हैं। जिला चिकित्सालय में गला दर्द, इंफेक्शन, छींकें, नाक बहना, और बंद होना जैसे मरीजों की संख्या में 10% की वृद्धि दर्ज की गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह मौसम पाचन, त्वचा, और सांस संबंधी बीमारियों के लिए उपयुक्त है। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। डॉक्टरों और डायटीशियन ने लाइफस्टाइल और खान-पान में बदलाव पर जोर दिया है ताकि इम्यूनिटी मजबूत रहे।
जिला चिकित्सालय में मरीजों की संख्या में उछाल
जिला चिकित्सालय के फिजीशियन डॉ. प्रवीण पंवार ने बताया:
- वायरल मामलों में वृद्धि: तापमान बदलाव वायरस के पनपने का कारण बनता है, जिससे एलर्जी और संक्रामक रोग फैलते हैं।
- प्रभावित समूह: बच्चे, बुजुर्ग, और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
- लक्षण: गला दर्द, लगातार छींकें, नाक बहना, खुजली, खांसी, और बुखार।
- सलाह: ठंड के बदलाव से बचें, गर्म कपड़े पहनें, और भीड़भाड़ वाली जगहों से दूर रहें।
डॉ. पंवार ने कहा, “यह मौसम संक्रमण के लिए जोखिम भरा है। साफ-सफाई और समय पर इलाज जरूरी है।”
डायटीशियन की सलाह: इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए खान-पान
डायटीशियन दीपशिखा गर्ग ने बताया:
- सुपाच्य भोजन: कहीं भी, कभी भी कुछ भी खाने से बचें। सुपाच्य और पौष्टिक आहार लें।
- इम्यूनिटी बूस्टर: विटामिन C से भरपूर फल (संतरा, कीवी), हरी सब्जियां, दही, अदरक वाली चाय, और हल्दी दूध लें।
- हाइड्रेशन: पर्याप्त पानी पिएं, क्योंकि मौसम में डिहाइड्रेशन बढ़ता है।
- बचाव: ठंडे पेय, स्ट्रीट फूड, और ठंडे आइसक्रीम से दूर रहें।
गर्ग ने जोर दिया, “खान-पान से इम्यूनिटी मजबूत रहेगी, तो संक्रमण से बचाव आसान होगा।”
विशेष सावधानियां: मौसम बदलाव से बचाव
- बच्चों के लिए: मास्क पहनाएं, हाथ धोने की आदत डालें, और ठंडे खान-पान से बचाएं।
- बुजुर्गों के लिए: गर्म कपड़े, गर्म पानी, और हल्का व्यायाम।
- सामान्य: भीड़ से बचें, सैनिटाइजर का उपयोग करें, और लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
सामाजिक और स्वास्थ्य प्रभाव
यह मौसम बदलाव उत्तराखंड में वायरल महामारी का खतरा बढ़ाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि साफ-सफाई और स्वस्थ जीवनशैली से 80% संक्रमण रोके जा सकते हैं। जिला चिकित्सालय में ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ रही है, इसलिए समय पर इलाज जरूरी है।







