
देहरादून: शीतलहर, पाला और घने कोहरे के प्रकोप को देखते हुए देहरादून जिला प्रशासन ने स्कूलों के संचालन समय में बदलाव किया है। अत्यधिक ठंड के कारण बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ रहे प्रतिकूल प्रभाव को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी ने कक्षा एक से 12 तक के सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों को सुबह साढ़े आठ बजे के बाद खोलने के आदेश जारी किए हैं। यह व्यवस्था 31 जनवरी तक लागू रहेगी।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
पिछले कुछ दिनों से देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में कड़ाके की ठंड, पाला और सुबह के समय घना कोहरा देखने को मिल रहा है। मौसम विज्ञान विभाग की चेतावनियों के बीच बच्चों और आंगनबाड़ी लाभार्थियों के स्वास्थ्य को लेकर प्रशासन की चिंता बढ़ गई थी।
जिलाधिकारी का आदेश
जिलाधिकारी एवं अध्यक्ष जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण सविन बंसल के आदेश के अनुसार जनपद देहरादून के सभी शासकीय, अर्धशासकीय और निजी विद्यालयों के साथ-साथ आंगनबाड़ी केंद्र अब 31 जनवरी तक प्रातः 8:30 बजे के बाद ही संचालित किए जाएंगे।
मौसम पूर्वानुमान बना आधार
जिलाधिकारी ने बताया कि यह निर्णय मौसम विज्ञान विभाग देहरादून द्वारा जारी पूर्वानुमान के आधार पर लिया गया है। पूर्वानुमान में आगामी दिनों तक सुबह के समय पाले और घने कोहरे की संभावना जताई गई है, जिससे बच्चों के बीमार होने का खतरा बना हुआ है।
बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शीतलहर के कारण आम जनजीवन के साथ-साथ विशेष रूप से स्कूल जाने वाले बच्चों और आंगनबाड़ी लाभार्थियों के प्रभावित होने की आशंका है। ऐसे में बच्चों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अनुपालन के निर्देश
मुख्य शिक्षा अधिकारी और जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि वे जिले के सभी शिक्षण संस्थानों और आंगनबाड़ी केंद्रों में आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराएं। साथ ही अभिभावकों से भी अपील की गई है कि वे बच्चों को ठंड से बचाने के लिए आवश्यक सावधानियां बरतें।
स्थानीय प्रतिक्रिया
अभिभावकों का कहना है कि सुबह के समय ठंड और कोहरे के कारण बच्चों को स्कूल भेजना मुश्किल हो रहा था। स्कूलों के समय में बदलाव से बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर राहत मिली है।
आगे क्या होगा
मौसम की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन आगे भी हालात की समीक्षा करता रहेगा। यदि ठंड और शीतलहर का असर बना रहा, तो आगे भी आवश्यक निर्णय लिए जा सकते हैं।






