
देहरादून: लर्निंग लाइसेंस बनाने के बाद ड्राइविंग टेस्ट के लिए अब अभ्यर्थियों को लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। परिवहन विभाग ने आरटीओ देहरादून में लर्निंग लाइसेंस के स्लॉट 60 से बढ़ाकर 90 करने का निर्णय लिया है। साथ ही प्रश्नोत्तरी टेस्ट में आने वाली तकनीकी दिक्कतों को दूर करने के लिए सरकार को पत्र भेजा गया है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
लर्निंग लाइसेंस के आवेदन के बाद ड्राइविंग टेस्ट के लिए उम्मीदवारों को अब तक एक-एक माह तक इंतजार करना पड़ता था। यह समस्या मुख्य रूप से सीमित स्लॉट और तकनीकी त्रुटियों के कारण उत्पन्न हो रही थी। परिवहन विभाग ने अब प्रक्रिया को सरल बनाते हुए वेटिंग लिस्ट समाप्त करने और स्लॉट बढ़ाने की पहल की है, जिससे अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिलेगी।
स्लॉट्स में वृद्धि और समय की बचत
अब देहरादून आरटीओ में लर्निंग लाइसेंस के 60 की जगह 90 स्लॉट प्रतिदिन उपलब्ध रहेंगे। इससे अधिक आवेदक एक ही दिन में टेस्ट दे सकेंगे और ड्राइविंग टेस्ट की प्रतीक्षा अवधि घट जाएगी।
आरटीओ प्रशासन संदीप सैनी ने बताया —
“लर्निंग लाइसेंस के स्लॉट बढ़ाए जा रहे हैं। प्रश्नोत्तरी टेस्ट में कैप्चर की तकनीकी समस्या को ठीक करने के लिए सरकार को पत्र भेजा गया है।”
कैप्चर कोड की तकनीकी दिक्कतें
वर्तमान में लर्निंग लाइसेंस के ऑनलाइन प्रश्नोत्तरी टेस्ट के दौरान कैप्चर कोड की गड़बड़ी के कारण एक अभ्यर्थी पर लगभग 30 मिनट का समय लग रहा था। इस दिक्कत को तत्काल हल करने के लिए विभाग ने तकनीकी सुधार की सिफारिश की है, ताकि प्रक्रिया तेज और सुचारू हो सके।
अब वेटिंग नहीं, त्वरित ड्राइविंग टेस्ट
विभाग ने लर्निंग लाइसेंस आवेदन के बाद ड्राइविंग टेस्ट के लिए वेटिंग पूरी तरह समाप्त कर दी है। अब अभ्यर्थी आवेदन के तुरंत बाद ही अगले उपलब्ध स्लॉट में ड्राइविंग टेस्ट बुक कर सकेंगे।
घर बैठे करें मॉक टेस्ट की तैयारी
अब अभ्यर्थी परिवहन विभाग की वेबसाइट www.parivahan.gov.in पर जाकर “Mock Test” विकल्प चुन सकते हैं। इस मॉक टेस्ट में यातायात नियमों से जुड़े 15 प्रश्न होते हैं, जिनमें से 9 के सही उत्तर देना अनिवार्य है। इससे उम्मीदवार परीक्षा से पहले अभ्यास कर सकते हैं और असफल होने की संभावना काफी घट जाएगी।
लर्निंग लाइसेंस खो जाने पर राहत की व्यवस्था
यदि किसी अभ्यर्थी का लर्निंग लाइसेंस खो जाता है या वह 6 माह के भीतर स्थायी लाइसेंस के लिए आवेदन नहीं कर पाता, तो घबराने की आवश्यकता नहीं है। वह निर्धारित शुल्क जमा करके लर्निंग लाइसेंस की वैधता अगले 6 माह के लिए बढ़ा सकता है।
आरटीओ प्रशासन के अनुसार —
“लर्निंग लाइसेंस खोने पर अभ्यर्थी दो बार शुल्क जमा कर अवधि बढ़ा सकता है। इस स्थिति में उसे दोबारा ड्राइविंग टेस्ट नहीं देना होगा।”
स्थानीय दृष्टिकोण
स्थानीय नागरिक अविनाश जोशी ने कहा, “पहले लाइसेंस टेस्ट के लिए महीनों इंतजार करना पड़ता था। स्लॉट बढ़ने से अब समय और परेशानी दोनों बचेंगी।”
वहीं, एक प्रशिक्षक रमेश गैरोला ने कहा कि “ऑनलाइन मॉक टेस्ट सुविधा से नए अभ्यर्थियों को बहुत लाभ होगा, खासकर ग्रामीण इलाकों के युवाओं को।”
आगे की दिशा
परिवहन विभाग जल्द ही लर्निंग लाइसेंस प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन और पेपरलेस सिस्टम में परिवर्तित करने की योजना पर काम कर रहा है। इसके अलावा सभी जिलों में समान स्लॉट बढ़ोतरी का प्रस्ताव भी शासन को भेजा गया है।





