
देहरादून: देहरादून जिले में अनियंत्रित रोड कटिंग और सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) द्वारा किए जा रहे रोड कटिंग कार्यों में गंभीर अनियमितताएं सामने आने के बाद विभाग पर दो माह का प्रतिबंध लगा दिया गया है। प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से रोड कटिंग की अनुमति निरस्त कर दी है। इससे पहले गेल कंपनी पर भी इसी तरह की कार्रवाई की जा चुकी है। प्रशासन का कहना है कि जनमानस की सुरक्षा से किसी भी सूरत में समझौता नहीं किया जाएगा।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
शहर में लगातार चल रहे सड़क खुदाई कार्यों के कारण यातायात बाधित होने के साथ-साथ दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ रहा था। पूर्व में गेल कंपनी द्वारा नियमों के उल्लंघन पर दो माह का प्रतिबंध लगाया गया था। इसके बावजूद अन्य विभागों द्वारा सुरक्षा मानकों की अनदेखी जारी रहने की शिकायतें सामने आ रही थीं।
आधिकारिक जानकारी
जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर त्वरित प्रतिक्रिया टीम (क्यूआरटी) ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में आकस्मिक निरीक्षण किया। जांच में पाया गया कि सहारनपुर रोड पर निरंजनपुर सब्जी मंडी चौक से आईएसबीटी तक और जीएमएस रोड पर बल्लूपुर चौक से निरंजनपुर सब्जी मंडी चौक तक एडीबी वित्तपोषित उत्तराखंड क्लाइमेट रेजिलिएंट पावर सिस्टम डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के अंतर्गत भूमिगत विद्युत लाइन बिछाने का कार्य निर्धारित शर्तों के विपरीत किया जा रहा था।
रात्रि की अनुमति, दिन में भी खोदी सड़क
क्यूआरटी की जांच में सामने आया कि जहां रोड कटिंग की अनुमति केवल रात्रि के समय के लिए थी, वहां दिन में भी सड़कों को खोदा गया। रिस्पना, आराघर चौक, कारगी, मोथरोवाला रोड, दून विश्वविद्यालय रोड और शिमला बाईपास समेत कई स्थानों पर न तो बैरिकेडिंग की गई थी और न ही रिफ्लेक्टिव टेप या चेतावनी संकेत लगाए गए थे। सड़क किनारे खुदाई का मलबा पड़े रहने से मार्ग संकरे हो गए थे, जिससे दुर्घटना की आशंका बढ़ गई।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना सुरक्षा इंतजाम के की जा रही खुदाई से आए दिन जाम और हादसों का खतरा बना रहता है।
वाहन चालकों ने बताया कि संकेतक न होने से रात के समय सड़क पर चलना बेहद जोखिम भरा हो जाता है।
अनुमति निरस्त, विभागों को चेतावनी
गंभीर उल्लंघनों को देखते हुए जिलाधिकारी ने पूर्व में जारी रोड कटिंग की अनुमति को तत्काल निरस्त कर दिया है। साथ ही यूपीसीएल को आगामी दो माह तक किसी भी प्रकार की रोड कटिंग की अनुमति न देने के निर्देश दिए गए हैं। डीएम ने स्पष्ट किया कि यदि अनुमति निरस्त होने से परियोजना की लागत या समय बढ़ता है तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित विभाग और कार्यदायी संस्था की होगी।
आगे क्या?
प्रशासन ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि भविष्य में किसी भी सड़क खुदाई कार्य से पहले अनुमति की शर्तों, सुरक्षा मानकों और यातायात व्यवस्था का सख्ती से पालन किया जाए। उल्लंघन पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।





