
देहरादून: देहरादून के थाना राजपुर क्षेत्र में जमीन से जुड़े एक गंभीर विवाद का मामला सामने आया है। एक व्यक्ति ने आरोप लगाया है कि उससे और उसके परिवार से जबरन जमीन अपने नाम करवाने का दबाव बनाया गया और ऐसा न करने पर जान से मारने की धमकी दी गई। पीड़ित की तहरीर के आधार पर पुलिस ने जितेंद्र रावत उर्फ जित्ती सहित चार आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामला सामने आने के बाद इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है और पुलिस जांच में जुटी हुई है।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
मेरीवल एस्टेट, मसूरी निवासी अमरदेव खंडूड़ी ने शिकायत में बताया कि झड़ीपानी शहंशाही रिसोर्ट के पीछे उनकी पैतृक भूमि है। इस जमीन को खरीदने के लिए संपूर्णानंद त्यागी ने उनसे संपर्क किया और बाद में उनकी मुलाकात बलराम यादव और जगत राम डोगरा से करवाई गई। आरोप है कि जमीन खरीदने का भरोसा दिलाकर साल 2022 में इकरारनामा किया गया और कुछ रकम अदा की गई। इसके बाद पीड़ित और उसके परिवार को विश्वास में लेकर जमीन के कुछ हिस्सों की रजिस्ट्री करवा ली गई और भुगतान के बदले चेक दिए गए।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया
पीड़ित के अनुसार जब चेक बैंक में लगाए गए तो वे बाउंस हो गए। फोन पर संपर्क करने पर आरोपियों ने टालमटोल की। नवंबर 2025 में पीड़ित को ढाकपट्टी, राजपुर मार्ग के पास बुलाकर कथित तौर पर दबाव बनाया गया, चेक वापस ले लिए गए और रकम देने से इनकार कर दिया गया। थाना राजपुर प्रभारी प्रदीप रावत ने बताया कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर जितेंद्र रावत उर्फ जित्ती, संपूर्णानंद त्यागी, बलराम यादव और जगत राम डोगरा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच की जा रही है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह के मामलों से इलाके में डर का माहौल बनता है। लोगों ने उम्मीद जताई कि पुलिस निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी ताकि भविष्य में ऐसे मामलों पर रोक लग सके।
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
शिकायत में बताया गया है कि धमकी देने वाले व्यक्ति ने खुद को जितेंद्र रावत उर्फ जित्ती बताया और जमीन बिना रकम दिए नाम कराने का दबाव बनाया। बताया जा रहा है कि जितेंद्र उर्फ जित्ती पर पहले भी रंगदारी और धमकी से जुड़े मुकदमे दर्ज हैं। वह वर्तमान में जमानत पर बाहर है।





