
देहरादून: शुक्रवार को हुई वर्षा ने राजधानी देहरादून को लंबे समय बाद वायु प्रदूषण से बड़ी राहत दिलाई। बारिश के चलते निचले वायुमंडल में जमे प्रदूषण कण जमीन में समा गए, जिससे एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया। लगभग 51 दिनों के बाद शहर की हवा ‘बेहद सुरक्षित’ श्रेणी में दर्ज की गई। यह बदलाव न केवल स्वास्थ्य के लिहाज से महत्वपूर्ण है, बल्कि लगातार खराब हवा से जूझ रहे लोगों के लिए भी राहतभरी खबर मानी जा रही है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
पिछले करीब डेढ़ महीने से देहरादून की हवा लगातार खराब श्रेणी में बनी हुई थी। ठंड बढ़ने के साथ नमी और कम हवा के बहाव के कारण प्रदूषण कण वातावरण में फंसे रहे। आठ दिसंबर के बाद से ऐसा कोई लंबा दौर नहीं आया, जब हवा लगातार सुरक्षित या संतोषजनक श्रेणी में रही हो। नए साल के पहले दिन भी शहरवासियों को खराब हवा में सांस लेनी पड़ी थी।
आधिकारिक जानकारी
वायु गुणवत्ता से जुड़े आंकड़ों के अनुसार शुक्रवार को देहरादून का औसत AQI 40 दर्ज किया गया, जो ‘अच्छी’ श्रेणी में आता है। दून यूनिवर्सिटी में लगे मॉनिटरिंग इंस्ट्रूमेंट्स के मुताबिक सामान्य दिनों में यहां AQI 55 से 60 के बीच रहता है, जिसे भी सुरक्षित माना जाता है। हालांकि ठंड के दौरान यह स्तर लगातार बिगड़ता चला गया था। संबंधित अधिकारी फिलहाल इस बदलाव को मौसम जनित प्रभाव मान रहे हैं और औपचारिक टिप्पणी करने से बचते दिखे।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के बाद हवा में साफ़पन महसूस हो रहा है और सांस लेना आसान हुआ है।
व्यापारियों ने बताया कि लंबे समय बाद सुबह-सुबह धुंध और बदबूदार हवा से राहत मिली है।
आंकड़ों में समझिए बदलाव
हाल के दिनों का AQI इस प्रकार रहा:
23 जनवरी: 40
22 जनवरी: 107
21 जनवरी: 136
20 जनवरी: 112
19 जनवरी: 93
18 जनवरी: 88
AQI श्रेणियों के अनुसार, 0 से 50 तक की हवा ‘अच्छी’ मानी जाती है, जबकि 300 से ऊपर का स्तर बेहद खतरनाक होता है। बीते 51 दिनों में देहरादून में छह से अधिक बार AQI 300 के पार और आठ से अधिक बार 200 के पार पहुंच चुका था।
आगे क्या
मौसम विभाग के अनुसार यदि आने वाले दिनों में हल्की बारिश या तेज हवा बनी रहती है, तो वायु गुणवत्ता कुछ समय तक संतोषजनक रह सकती है। हालांकि तापमान गिरने और मौसम स्थिर होने की स्थिति में प्रदूषण फिर बढ़ सकता है। प्रशासन की ओर से लोगों को सतर्क रहने और प्रदूषण नियंत्रण उपायों का पालन करने की सलाह दी जा सकती है।






