
देहरादून: राजपुर क्षेत्र में एक पुलिसकर्मी के बेटे ने आरोप लगाया है कि रात्रि ड्यूटी के दौरान चार पुलिसकर्मियों ने उसके साथ मारपीट की और बिना कारण हवालात में डाल दिया। इस मामले में अदालत के आदेश के बाद चारों पुलिसकर्मियों के खिलाफ राजपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।
अदालत के आदेश पर दर्ज हुआ केस
प्राप्त जानकारी के अनुसार, न्यायालय के निर्देश पर अपर उपनिरीक्षक मदन सिंह बिष्ट (थाना राजपुर), दारोगा मुकेश नेगी (थाना नेहरू कॉलोनी), पीएसी के जवान नवीन चंद्र जोशी और परविंदर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
घटना की रात — जांच से लेकर विवाद तक
शिकायतकर्ता कुनाल चौधरी, निवासी राजपुर, ने बताया कि 6 अगस्त की रात करीब 11:30 बजे वह अपने दो दोस्तों — चैतन्य उर्फ किट्टी और समीर के साथ थार गाड़ी में मसूरी डाइवर्जन रोड से गुजर रहा था। चेक पोस्ट पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उनकी गाड़ी रोकी और पूछताछ शुरू की।
कुनाल के अनुसार, पुलिस ने शराब पीने का संदेह जताया। उसने बताया कि केवल उसके दोस्तों ने बीयर पी थी, वह खुद नहीं पीया था। पुलिस ने एल्कोमीटर से जांच करने की कोशिश की, लेकिन यंत्र काम नहीं कर रहा था। इसके बावजूद पुलिस ने मैनुअली चालान काट दिया।
विरोध करने पर बढ़ा विवाद
जब कुनाल ने गलत चालान पर आपत्ति जताई, तो पुलिसकर्मियों ने उसे मुकदमा दर्ज करने की धमकी दी। वह डरकर कैनाल रोड की ओर भागा, लेकिन फिसल गया। इसी दौरान, पुलिसकर्मियों ने उसे पकड़कर लात-घूंसों, लाठी और राइफल के बट से पीटा, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं।
उसके साथी चैतन्य ने जब बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो उसे भी पीटा गया। चैतन्य ने किसी तरह भागकर कुनाल की मां विजय चौधरी को फोन पर घटना की सूचना दी।
परिवार पहुंचा थाने, वीडियो बनाई
कुनाल को पुलिस ने अर्द्धबेहोशी की हालत में थाने ले जाकर लॉकअप में डाल दिया। देर रात करीब एक बजे उसका परिवार थाना राजपुर पहुँचा और वहां उसकी वीडियो व फोटोग्राफ्स लिए। अगले दिन कुनाल का मेडिकल परीक्षण कराया गया।
कुनाल के अनुसार, उसके माता-पिता दोनों पुलिस विभाग में कार्यरत हैं। उन्होंने इस मामले की शिकायत एसएसपी और डीजीपी तक की, लेकिन कार्रवाई न होने पर अंततः अदालत की शरण ली, जिसके बाद मामला दर्ज हुआ।







