
देहरादून: नर्सिंग एकता मंच के नेतृत्व में सोमवार को सैकड़ों बेरोजगार अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री आवास कूच किया। हाथीबड़कला पहुंचते ही पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच करीब दो घंटे तक तीखी झड़प हुई। इस दौरान एक महिला पुलिसकर्मी पर कूच में शामिल एक महिला अभ्यर्थी से मारपीट का आरोप लगा है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
नर्सिंग एकता मंच पिछले कई दिनों से वर्षवार भर्ती निकालने, आयु सीमा में छूट देने और लंबित नियुक्तियों को तेजी से पूरा करने जैसी मांगों को लेकर धरना दे रहा है। अभ्यर्थियों का कहना है कि राज्य में नर्सिंग पदों पर भर्ती की प्रक्रिया लंबे समय से रुकी है, जिससे हजारों युवक-युवतियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। इसी क्रम में सोमवार को संगठन ने मुख्यमंत्री आवास कूच का निर्णय लिया था।
आधिकारिक जानकारी
हाथीबड़कला के पास पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच झड़प हो गई। करीब दो घंटे तक स्थिति तनावपूर्ण बनी रही। अधिकारियों के मुताबिक भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रदर्शनकारियों को वैन में बैठाकर एकता विहार ले जाया गया।
अधिकारियों ने इस मामले पर विस्तृत टिप्पणी करने से परहेज़ किया।
नर्सिंग एकता मंच के प्रदेश अध्यक्ष नवल पुंडीर ने कहा कि सरकार को बार-बार ज्ञापन देने के बाद भी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसलिए संगठन को सीएम आवास कूच करना पड़ा।
स्थानीय प्रतिक्रिया
प्रदर्शन में शामिल अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने अनावश्यक बल प्रयोग किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि एक महिला पुलिसकर्मी द्वारा एक महिला अभ्यर्थी को थप्पड़ मारे जाने की घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और इसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। कई लोगों ने कहा कि वीडियो वायरल होने के बाद मामले की निष्पक्ष जांच की जरूरत है।
हाथीबड़कला क्षेत्र में मौजूद स्थानीय लोगों का कहना था कि अचानक हुई झड़प से यातायात प्रभावित हो गया और माहौल तनावपूर्ण हो गया। कई राहगीरों ने बताया कि कुछ समय तक सड़क पर आवाजाही भी रुकी रही।
आंकड़े और तथ्य
प्रदर्शन में सैकड़ों अभ्यर्थी शामिल थे और इस दौरान कांग्रेस पार्टी, यूकेडी, बेरोजगार संघ और स्वाभिमान मोर्चा भी समर्थन देने पहुंचे। पुलिस और प्रदर्शनकारियों की झड़प लगभग दो घंटे चली, जिसके बाद व्यवस्था बहाल हो सकी। विवादित वीडियो के सामने आने के बाद अभ्यर्थियों ने महिला पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई है।
आगे क्या?
संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर जल्द निर्णय नहीं हुआ तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा। प्रशासन इस मामले में वीडियो की जांच कर सकता है और जरूरत पड़ने पर दोनों पक्षों से बयान दर्ज किए जा सकते हैं। अभ्यर्थियों की मांगें सरकार के समक्ष पहले से लंबित हैं और संभावना है कि बैठक कर आगे की रणनीति तय की जाएगी।







